जीतू पटवारी के बयान पर BJP का पलटवार, दुर्गेश केसवानी ने कहा- ‘कांग्रेस महिलाओं का अपमान करने में माहिर’
भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "मध्य प्रदेश को तमगा मिला है कि प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना दिखाने वाली BJP ने यह हालत कर दी है।"
यह बयान राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS-5) और सरकारी रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दिया गया था। लेकिन इस दावे की सत्यता पर सवाल उठने के बाद यह सियासी और सामाजिक विवाद का केंद्र बन गया। NFHS-5 के आंकड़े बताते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में महिलाओं में शराब की खपत सबसे ज्यादा (24%) है, जबकि मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा केवल 0.4% है।

पटवारी ने इस बयान के जरिए BJP सरकार पर बेरोजगारी, नशाखोरी, और कुपोषण जैसे मुद्दों पर हमला करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, "अगर आपका बेटा बेरोजगार है, नशा करके घर आता है, तो इसके लिए BJP, शिवराज सिंह चौहान, और मोहन यादव जिम्मेदार हैं।" लेकिन उनके इस बयान ने उल्टा कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।
BJP का तीखा पलटवार: 'कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता'
BJP ने इस बयान को "महिलाओं का अपमान" और "मध्य प्रदेश की संस्कृति पर हमला" करार देते हुए जीतू पटवारी पर तीखा हमला बोला। BJP प्रवक्ता डॉ दुर्गेश केसवानी ने कहा, "हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े-लिखे को फारसी क्या। कांग्रेस का मूल चरित्र झूठ बोलना और आधी आबादी को बदनाम करना है। जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश की माताओं-बहनों का अपमान किया है। यह उनकी महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।"
केसवानी ने तंज कसते हुए कहा, "राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह ने पहले ही कांग्रेस को मजाक बना दिया है, और अब जीतू पटवारी उसी रास्ते पर चल रहे हैं। जो पार्टी अपनी महिला नेताओं को गंभीरता से नहीं लेती, वह मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को शराबी कहकर उनका चरित्रहनन कर रही है।
BJP नेताओं का हमला: माफी की मांग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बयान को "दुर्भाग्यपूर्ण" और "5 करोड़ माताओं-बहनों का अपमान" करार दिया। उन्होंने कहा, "हरतालिका तीज जैसे पवित्र दिन पर लाड़ली बहनों को शराबी कहना कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। जनता इसका जवाब देगी।" यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से पटवारी को पद से हटाने की मांग की।
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "पटवारी का बयान न केवल मध्य प्रदेश की महिलाओं का अपमान है, बल्कि यह कांग्रेस की महिला विरोधी कुत्सित मानसिकता का उदाहरण है।" BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने सोनिया गांधी से अपील की कि वे पटवारी को "सबक सिखाएं।"
BJP महिला मोर्चा ने भोपाल, इंदौर, और सागर में पटवारी का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष आभा चोपड़ा ने कहा, "हमने कभी मध्य प्रदेश की महिलाओं को शराब पीते नहीं देखा। शायद पटवारी अपनी घर की महिलाओं की बात कर रहे हैं।"
पटवारी की सफाई: 'आंकड़ों पर आधारित बयान'
विवाद बढ़ने के बाद जीतू पटवारी ने सफाई दी कि उनका बयान NFHS-5 और सरकारी आंकड़ों पर आधारित था। उन्होंने कहा, "BJP ने मध्य प्रदेश को नशे की राजधानी बना दिया है। मैंने केवल आंकड़ों का हवाला दिया। मेरी मंशा महिलाओं का अपमान करना नहीं था।" हालांकि, NFHS-5 की रिपोर्ट उनके दावे का खंडन करती है, जिसमें कहा गया कि मध्य प्रदेश में केवल 0.4% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश में यह आंकड़ा 24% है।
पटवारी ने यह भी कहा, "BJP मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। मैंने महिलाओं का अपमान नहीं किया, बल्कि BJP की नीतियों की वजह से बढ़ते नशे की समस्या को उजागर किया।"
आंकड़ों की हकीकत: पटवारी का दावा गलत
NFHS-5 (2019-21) की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में 15-49 आयु वर्ग की केवल 0.4% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, जो राष्ट्रीय औसत (0.7%) से भी कम है। अरुणाचल प्रदेश (24%) और सिक्किम (16%) इस मामले में शीर्ष पर हैं। पुरुषों में भी मध्य प्रदेश 14वें स्थान पर है, जहां 20% पुरुष शराब पीते हैं। यह आंकड़ा पटवारी के दावे को गलत साबित करता है।
2015-16 (NFHS-4) में मध्य प्रदेश में 1.6% महिलाएं शराब पीती थीं, जो अब घटकर 0.4% हो गया है। यानी मध्य प्रदेश में महिलाओं में शराब की खपत में कमी आई है। इस आधार पर BJP ने पटवारी के बयान को "झूठा और आधारहीन" करार दि












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