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MP News: रेलवे का नया नियम – अब कन्फर्म टिकट सिर्फ आधार लिंक्ड अकाउंट से ही, पहले 15 मिनट में होगी बुकिंग

मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में ट्रेन यात्रा करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। अगर आप आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप के जरिए ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 अक्टूबर 2025 से सामान्य आरक्षित टिकट बुकिंग के शुरुआती 15 मिनट में केवल वही यूजर्स टिकट ले सकेंगे, जिनका आईआरसीटीसी अकाउंट आधार से लिंक्ड होगा।

यानी, जब रात 12:20 बजे बुकिंग विंडो खुलती है, तो पहले 15 मिनट (12:20 से 12:35 बजे तक) में बिना आधार वेरिफिकेशन वाले यूजर्स के लिए टिकट बुकिंग ब्लॉक रहेगी। यह नियम त्योहारों जैसे दिवाली, छठ और सीजनल रश के दौरान असली यात्रियों को प्राथमिकता देने और दलालों (टिकट टाउट्स) की मनमानी रोकने के लिए लागू किया जा रहा है।

MP Bhopal Railway new rule now confirmed tickets can be booked only through Aadhaar linked account

भारतीय रेलवे मंत्रालय ने 15 सितंबर 2025 को एक सर्कुलर जारी कर इसकी घोषणा की। इसमें कहा गया है, "आरक्षण सिस्टम के लाभ असली अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे और दुष्ट तत्वों द्वारा दुरुपयोग न हो, इसके लिए 1 अक्टूबर 2025 से सामान्य आरक्षण खुलने के पहले 15 मिनट में केवल आधार प्रमाणीकृत यूजर्स ही आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक कर सकेंगे।" रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम टाटकल बुकिंग के लिए जुलाई 2025 से लागू नियम को सामान्य बुकिंग पर विस्तारित करने का हिस्सा है, जहां पहले से ही आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य है।

मध्य प्रदेश में जहां भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से रोजाना लाखों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं, वहां यह नियम विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा। त्योहारों के दौरान लोकप्रिय ट्रेनों की टिकटें कुछ ही मिनटों में बिक जाती हैं, और दलालों द्वारा सॉफ्टवेयर टूल्स से बुकिंग कर ब्लैक में बेचने की समस्या आम है। अब आधार लिंकिंग से पहचान सत्यापित होने से ऐसी जमाखोरी पर लगाम लगेगी।

नया नियम कैसे काम करेगा? स्टेप बाय स्टेप समझें

सामान्य आरक्षण विंडो रोजाना रात 12:20 बजे से खुलती है, जो यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले उपलब्ध होती है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 1 दिसंबर को यात्रा करना चाहते हैं, तो बुकिंग 2 अक्टूबर को रात 12:20 बजे खुलेगी।

  • पहले 15 मिनट (12:20 AM से 12:35 AM): केवल आधार-लिंक्ड आईआरसीटीसी अकाउंट वाले यूजर्स ही बुकिंग कर सकेंगे। बिना लिंक वाले यूजर्स को "एक्सेस डिनाइड" मैसेज दिखेगा।
  • 15 मिनट बाद: सभी यूजर्स (बिना आधार के भी) सामान्य रूप से बुकिंग कर सकेंगे।
  • एजेंट्स पर पाबंदी: अधिकृत टिकटिंग एजेंट्स पहले 10 मिनट तक बुकिंग नहीं कर सकेंगे, जो पुराना नियम है।
  • पीआरएस काउंटर्स: रेलवे काउंटर्स पर बुकिंग में कोई बदलाव नहीं। वहां आधार की जरूरत नहीं।
  • यह नियम केवल सामान्य आरक्षित टिकटों पर लागू होगा, न कि ई-टिकट या जनरल क्लास पर। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआरआईएस) और आईआरसीटीसी सिस्टम को अपडेट कर रहे हैं ताकि यह सुचारू रूप से लागू हो।

टाटकल और जनरल बुकिंग की तुलना

पैरामीटरटाटकल बुकिंग (जुलाई 2025 से)सामान्य बुकिंग (अक्टूबर 2025 से)आधार जरूरीपहले 30 मिनट (एसी: 10-10:30 AM, नॉन-एसी: 11-11:30 AM)पहले 15 मिनट (12:20-12:35 AM)एजेंट पाबंदीपहले 30 मिनटपहले 10 मिनटऑनलाइन केवलहां, वेबसाइट/ऐप परहां, वेबसाइट/ऐप परकाउंटर बुकिंगआधार-ओटीपी जरूरीकोई बदलाव नहीं

आधार लिंक कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

अगर आपका आईआरसीटीसी अकाउंट अभी आधार से लिंक्ड नहीं है, तो तुरंत प्रक्रिया पूरी करें। आईआरसीटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि 1 अक्टूबर से पहले यह काम निपटा लें, वरना कन्फर्म टिकट हाथ से निकल सकती है। प्रक्रिया सरल है और 5 मिनट में हो जाती है:

  1. लॉगिन करें: आईआरसीटीसी वेबसाइट (irctc.co.in) या ऐप पर लॉगिन करें।
  2. प्रोफाइल सेक्शन: "माय प्रोफाइल" या "My Profile" पर जाएं।
  3. आधार डिटेल्स: "Aadhaar Linking" या "Link Aadhaar" ऑप्शन चुनें।
  4. नंबर एंटर करें: अपना 12-अंकीय आधार नंबर डालें।
  5. ओटीपी वेरिफिकेशन: रजिस्टर्ड मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से वेरिफाई करें।
  6. कन्फर्मेशन: सफल होने पर मैसेज मिलेगा। सुनिश्चित करें कि अकाउंट डिटेल्स (नाम, मोबाइल) आधार से मैच करें।

यदि कोई समस्या हो, तो आईआरसीटीसी हेल्पलाइन 139 पर कॉल करें या ईमेल करें। आधार लिंकिंग फ्री है और एक बार हो जाने पर सभी बुकिंग्स के लिए वैलिड रहेगी।

क्यों लाया गया यह नियम? दलालों पर लगाम और यात्रियों को फायदा

रेलवे का यह कदम टिकट बुकिंग सिस्टम में व्याप्त अनियमितताओं को रोकने के लिए है। त्योहारों और वीकेंड पर लोकप्रिय ट्रेनों (जैसे भोपाल-दिल्ली राजधानी या इंदौर-मुंबई) की टिकटें कुछ ही मिनटों में बिक जाती हैं, लेकिन ज्यादातर दलालों के हाथ लग जाती हैं। वे बॉट्स और सॉफ्टवेयर से मास बुकिंग करते हैं, फिर ब्लैक में बेचते हैं। आधार वेरिफिकेशन से पहचान तय हो जाएगी, जिससे एक व्यक्ति प्रति ट्रेन सीमित टिकट बुक कर सकेगा।

रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "टाटकल में इस नियम से 30% तक टिकटों की जमाखोरी कम हुई। अब सामान्य बुकिंग में भी यही फायदा मिलेगा।" इससे न केवल असली यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलेगी, बल्कि सिस्टम पर लोड भी कम होगा, जिससे क्रैश या डिले कम होंगे। मध्य प्रदेश जैसे राज्य में, जहां रेल नेटवर्क व्यस्त है, यह बदलाव लाखों यात्रियों को राहत देगा।

कुछ खुश, कुछ चिंतित

सोशल मीडिया पर यात्रियों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक भोपाल के यात्री ने ट्वीट किया, "अब दलालों का खेल खत्म! आधार लिंक कर लिया।" वहीं, कुछ ने कहा, "ग्रामीण इलाकों में आधार लिंकिंग मुश्किल, काउंटर पर लाइन लगेगी।" विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती 1-2 महीने में असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में फायदा ज्यादा।
रेलवे ने जोनल रेलवे को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। स्टेशनों पर पोस्टर, ऐप नोटिफिकेशन और हेल्प डेस्क के जरिए जानकारी दी जा रही है।

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