MP News: मोहन यादव कैबिनेट का मास्टरस्ट्रोक, बिजली विभाग में 50 हजार पदों पर भर्ती, 35 लाख किसानों को राहत
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण और जनहितकारी फैसले लिए, जो राज्य के विकास, किसानों की समृद्धि, और प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिजली वितरण कंपनियों में 49,263 नए पदों की मंजूरी, 35 लाख किसानों के लिए 84.17 करोड़ रुपये के सिंचाई जलकर ब्याज और पेनल्टी माफी, और होटल लेक व्यू रेसिडेंसी को PPP मॉडल पर सौंपने जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।
इसके अलावा, आदिवासी क्षेत्रों में 66 नए आंगनवाड़ी केंद्र, कैंपा फंड से वन संरक्षण, और मूंग-उड़द खरीदी के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने जैसे फैसले भी लिए गए। वन इंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट लाई है कैबिनेट के इन निर्णयों की पूरी जानकारी।

बिजली वितरण कंपनियों में 49,263 नए पद: स्टाफ की कमी होगी दूर
मध्य प्रदेश की पूर्व, मध्य, और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों में 49,263 नए नियमित पदों को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद तीनों कंपनियों में नियमित पदों की कुल संख्या बढ़कर 77,298 हो जाएगी। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि इस कदम से बिजली वितरण प्रणाली में सुधार होगा, कार्यकुशलता बढ़ेगी, और संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों की निर्भरता कम होगी।
ऊर्जा विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "नए पदों से बिजली आपूर्ति में तकनीकी खामियों को दूर करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने में मदद मिलेगी।" इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सोशल मीडिया पर @PTI_News ने ट्वीट किया, "प्रदेश की तीन बिजली वितरण कंपनियों में 49,263 नवीन पद सृजित किए जाएंगे। इससे स्टाफ की कमी दूर होगी।"
35 लाख किसानों को बड़ी राहत: 84.17 करोड़ की माफी
कैबिनेट ने प्रदेश के 35 लाख किसानों को बड़ी राहत देते हुए सिंचाई जलकर के ब्याज और पेनल्टी के रूप में बकाया 84.17 करोड़ रुपये को माफ करने का फैसला किया है। जल संसाधन विभाग की ओर से लगातार तकादा किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत किसानों को 2026 तक मूलधन जमा करने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
किसान नेता रामनिवास रावत ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "किसानों पर ब्याज और पेनल्टी का बोझ हटने से उन्हें खेती के लिए और निवेश करने का मौका मिलेगा।" @News18CG ने ट्वीट किया, "मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: 35 लाख किसानों की 84.17 करोड़ की माफी, उड़द और मूंग खरीदी के लिए केंद्र को पत्र।"
होटल लेक व्यू रेसिडेंसी: PPP मॉडल को नई दिशा
भोपाल की प्रतिष्ठित होटल लेक व्यू रेसिडेंसी को लेकर कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। पहले से ही इस होटल को डिजाइन, निर्माण, और संचालन के लिए PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर सौंपने की मंजूरी दी गई थी। अब कैबिनेट ने तय किया है कि लीज के पंजीयन और स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) पर्यटन विभाग के बजट से की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "निवेश संवर्धन के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। डेवलपर्स को प्रतिपूर्ति की सुविधा से पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।" यह कदम भोपाल को पर्यटन हब के रूप में और आकर्षक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। होटल लेक व्यू रेसिडेंसी अपनी खूबसूरत लोकेशन और सुविधाओं के लिए पहले से ही लोकप्रिय है, और PPP मॉडल इसे और आधुनिक बनाएगा।
मूंग-उड़द खरीदी के लिए केंद्र को पत्र
कैबिनेट ने प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी के लिए केंद्र सरकार से और मंजूरी मांगने का फैसला किया। वर्तमान में केंद्र ने 3.51 लाख मीट्रिक टन खरीदी की अनुमति दी है, लेकिन राज्य सरकार ने 8.57 लाख मीट्रिक टन की खरीदी की मांग की है। इसके लिए मार्कफेड को 3500 करोड़ रुपये का ऋण लेने की स्वीकृति दी गई है।
कैंपा फंड: 1478 करोड़ से वन संरक्षण और ग्रामीण विकास
वन विभाग की प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैंपा फंड) के तहत 1478.38 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस राशि से पौधारोपण, बिगड़े वनों का सुधार, नदियों का पुनर्जनन, बांस रोपण, और नगर वनों के विकास जैसे काम किए जाएंगे। यह राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होती है, जो वन भूमि के डायवर्जन के बाद राज्य को दी जाती है।
वन मंत्री नगर सिंह चौहान ने कहा, "इस फंड से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन सीमा से लगे गांवों में ग्रामीणों की आजीविका भी सुधरेगी।" यह कदम मध्य प्रदेश को हरित और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आदिवासी क्षेत्रों में 66 नए आंगनवाड़ी केंद्र
महिला और बाल विकास विभाग के तहत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी क्षेत्रों में 66 नए आंगनवाड़ी केंद्र खोलने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही 66 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, 66 सहायिका, और 2 सुपरवाइजर के पदों को भी स्वीकृति दी गई। 2025-26 से 2028-29 तक इस योजना पर 19.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मंत्री नर्मदा भूरिया ने कहा, "आदिवासी बच्चों और महिलाओं के लिए यह योजना पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।" यह निर्णय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों के बीच लिया गया है, जो हाल ही में भोपाल में निजीकरण और वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
विधायक विजन डॉक्यूमेंट 2023-28: विकास की नई रणनीति
कैबिनेट ने विधायक विजन डॉक्यूमेंट 2023-2028 के लिए प्रावधान को मंजूरी दी। इसके तहत सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के लिए विकास की योजना तैयार करेंगे। प्रभारी मंत्री जिलों में जाकर विधायकों के साथ चर्चा करेंगे और इस विजन डॉक्यूमेंट को अंतिम रूप देंगे। इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया जाएगा, और 2028 तक इन योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, "यह विजन डॉक्यूमेंट मध्य प्रदेश को विकसित और समृद्ध बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। हर विधायक अपने क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की योजना बनाएगा।"
स्टांप अधिनियम संशोधन: 212 करोड़ का राजस्व
कैबिनेट ने भारतीय स्टांप (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक 2025 को मंजूरी दी, जो भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 में संशोधन करेगा। इस संशोधन से मूल्य सूचकांक को अपडेट किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार को 212 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा, "यह संशोधन राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा।"
CM मोहन यादव का विदेश दौरा: निवेश और ब्रांडिंग पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन का दौरा करेंगे। इस दौरान वे वैश्विक निवेशकों के साथ बैठकें करेंगे, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर चर्चा करेंगे, और मध्य प्रदेश की ब्रांडिंग करेंगे। यह दौरा फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के लिए निवेश आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है।
इन फैसलों से मध्य प्रदेश में कई क्षेत्रों में बदलाव की उम्मीद है:
रोजगार सृजन: बिजली वितरण कंपनियों और आंगनवाड़ी केंद्रों में नए पदों से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
किसानों की राहत: सिंचाई जलकर माफी और मूंग-उड़द खरीदी से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
पर्यावरण संरक्षण: कैंपा फंड से वन संरक्षण और नदियों के पुनर्जनन को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन और निवेश: होटल लेक व्यू रेसिडेंसी और विदेश दौरा मध्य प्रदेश को पर्यटन और निवेश हब के रूप में स्थापित करेगा।
चुनौतियां और सुझाव, इन फैसलों के बावजूद कुछ चुनौतियां हैं:
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता: बिजली कंपनियों और आंगनवाड़ी केंद्रों में भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाना जरूरी है।
किसानों के लिए जागरूकता: सिंचाई जलकर माफी का लाभ सभी किसानों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना होगा।
निवेश का प्रभावी उपयोग: विदेशी निवेश को ठोस परियोजनाओं में बदलने के लिए मजबूत निगरानी तंत्र की जरूरत है।












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