विधायक रामेश्वर शर्मा खराब निर्माण देखकर भड़के, हाथ लगाते ही उखड़ा प्लास्टर, निगम अफसर से बोले- कितना खाओगे
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा मंगलवार को आदमपुर छावनी में नगर निगम द्वारा बनाए गए मकानों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान मकानों की गुणवत्ता खराब मिलने पर रामेश्वर शर्मा ने निगम अधिकारियों को फटकार लगाई।

Bhopal Bjp news: भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने आदमपुर छावनी के पास अर्जुन नगर की बंजारा बस्ती में नगर निगम द्वारा बनाए गए मकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा घटिया निर्माण कार्य को देखकर नगर निगम के अधिकारियों पर भड़क गए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंगलवार को बंजारा बस्ती में निरीक्षण करने पहुंचे भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने फर्स के प्लास्टर को छुआ तो उखड़ गया। ऊपर छत को देखा तो सीलिंग टूट रही थी और दरवाजों के कोने का प्लास्टर भी हाथ से छूने पर ही बिखर गया। नए बने मकानों में सीपेज भी इतना की अंदर की दीवारें गिली नजर आ रही थी।
विधायक ने अफसर से कहा- कितना खाओगे
विधायक रामेश्वर शर्मा ने नाराजगी जाहिर करते हुए नगर निगम की सब इंजीनियर विकास मरकाम से कहा कि कितना खाओगे। ठेकेदार से इतनी दोस्ती करोगे यह घर अगर तुमको दे दिए जाएं तो तुम बिन में रहोगे? तुम को अलाउड करवा देते हैं। नगर निगम वालों को रहोगे यहां। इस पर निगम अफसर ने चुप्पी साधली। फिर विधायक को सुधार कराने का भरोसा दिलवाया।
गरीब बंजारों के लिए 70 1BHK बनाए गए
भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि NTPC प्लांट के लिए विस्थापित किए गए गरीब बंजारों के मकानों का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता निश्चित रूप से बहुत खराब है, आयुक्त नगर निगम से बात की गई है जल्द से जल्द इन्हें ठीक किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बता दे अर्जुन नगर में नगर निगम ने ग्रामीण आवास योजना के तहत बंजारों को 70 1 BHK मकान बना कर दिए हैं। पहले यह परिवार सरकारी जमीन पर टपरे बनाकर रहते थे।
एक करोड़ रुपये खर्च कर बनाए गए 70 मकान
बता दे आदमपुर छावनी में सूखे कचरे से चारकोल बनाने के लिए एनटीपीसी (NTPC) प्लांट लगाया जा रहा है। इसके लिए अर्जुन नगर बस्ती खाली कराई गई है। यहां के विस्थापितों को अर्जुन नगर नई बस्ती में शिफ्ट किया गया है। जहां नगर निगम ने एक करोड़ पर खर्च कर 70 मकान बनाएं। हालांकि निर्माण कार्यों के दौरान भी इन भवनों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी, लेकिन निगम अधिकारियों ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया।
जिम्मेदार जवाब देने को तैयार
जहां विस्थापितों के लिए आए मकान निर्माण कराने की जिम्मेदारी अधीक्षण यंत्री आरके सक्सेना, प्रभारी कार्यपालन यंत्री डीके शर्मा और सौरभ सूद को सौंपी गई थी। इनके निर्देशन में यहां गुणवत्ताहीन मकान बनाए गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ना तो मीडिया को जवाब दे रहे है और ना ही विधायक के सामने आ रहे हैं। मंगलवार को भी तीनों अधिकारी आदमपुर छावनी में उपस्थित नहीं हुए। बचने के लिए जिम्मेदारों ने विधायक के सामने छोटे अधिकारी सब इंजीनियर विकास मरकाम को भेज दिया।
कमीशन खोरी का खेल
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गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यह पहली बार नहीं है, जब नगर निगम के अफसरों की इस तरह की लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। दरअसल भोपाल नगर निगम कमीशन खोरी पर चलता है। यहां पर बिना कमीशन खिलाए फाइल को आगे बढ़ाना, मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है। जब तक ठेकेदार निगम के अधिकारियों को उनका कमीशन नहीं पहुंचा देते, तब तक उनका पेमेंट तक नहीं किया जाता। यही वजह है कि ठेकेदार मोटा कमीशन खिलाने के चक्कर में घटिया निर्माण बनाकर चल देते हैं।












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