Madhya Pradesh Assembly: विपक्ष ने सौंपा अविश्वास प्रस्ताव, आरोपों का मुकाबला करने सत्ता पक्ष ने बनाई रणनीति
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। पहले दिन पक्ष-विपक्ष के बीच हल्की नोंक झोंक देखने को मिली। विपक्ष ने 51 बिंदुओं के साथ अविश्वास प्रस्ताव आरोप पत्र के साथ सौंपा हैं।

Madhya Pradesh Assembly: मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शिवराज सरकार को घेरने जहां पूरी तैयारी कर रखी है, तो वही पक्ष हर सवाल का पूरी दमदारी से जबाब देने तैयार बैठा है। पहले दिन विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव सौंपने के बाद सदन अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। नेता प्रतिपक्ष डॉ,. गोविन्द सिंह ने 51 बिंदुओं का आरोप पत्र सौंपा हैं। जिस पर चर्चा कराने की मांग उठाई है। पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने इस दौरान भारत जोड़ों यात्रा में की गई सुरक्षा पुलिस व्यवस्था के लिए सरकार को धन्यवाद भी दिया। पहले दिन पक्ष-विपक्ष में नोंक झोंक भी हुई।

51 बिंदुओं का आरोप पत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर पहुंचा। सरकार के खिलाफ 51 बिंदुओं का आरोप पत्र विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को सौंपा गया। विभिन्न विभागों के 380 बिंदु छांटे गए थे, जिसमें से आरोप पत्र तैयार किया गया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, जीतू पटवारी, प्रियव्रत सिंह, आरिफ मसूद समेत अन्य विधायकों ने भी अलग से आरोप पत्र दिए हैं। पूर्व मंत्रियों ने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। सदन में हर मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाते हुए जबाब माँगा जाएगा।

पक्ष-विपक्ष दोनों ने बनाई अपनी रणनीति
आरोप पत्र सौंपने के बाद दिवंगत जनों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई। शाम को बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। जिसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के सवालों का पूरी ताकत के साथ जबाब देने की रणनीति बनाई। विधायकों और मंत्रियों को हर मोर्चे पर विपक्ष के आरोपों का जबाब देने के टिप्स भी दिए गए। उधर पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव में शामिल बिंदुओं पर चर्चा कराई जाए।

इन नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
- फूलचंद वर्मा, भूतपूर्व विधानसभा सदस्य, श्री मनोज सिंह मण्डावी, भूतपूर्व विधान सभा सदस्य
- भगवत प्रसाद गुरु, भूतपूर्व विधानसभा सदस्य
- मुलायम सिंह यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री
- आर. मुथैया, पूर्व केन्द्रीय मंत्री
- माणिकराव होडल्या गावित, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री
- वेंकट कृष्णमराजु उप्पलपति, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री
- वायके अलघ, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री

विपक्ष ने ये लगाए है आरोप
- पूरक पोषण आहार वितरण में गड़बड़ी
- अस्पतालों में आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा
- नर्सिग कालेजों में फर्जीवाड़ा, चिकित्सा महाविद्यालयों में खरीदी के नाम पर अनियमितता
- स्वरोजगार योजनाएं बेरोजगारों के साथ छलावा, बेरोजगारी दूर करने का कोई ठोस समाधान नहीं
- प्रदेश में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव, आगजनी की घटनाओं को रोकने में सरकार विफल
- जहरीली शराब से मौत की घटनाएं बढ़ीं, शराब बिक्री को बढ़ावा देने संबंधी निर्णयों से महिलाओं में आक्रोश
- महाकाल महालोक के निर्माण में भ्रष्टाचार, राम वन गमन पथ का निर्माण न होना
- ओला पीडि़त किसानों को मुआवजा न मिलना
- भिंड में कोटवार और भृत्य की फर्जी नियुक्ति दिखाकर लाखों रपये का आहरण
- राशन दुकानों से गरीबों को निम्न गुणवत्ता का चावल वितरित करना
- प्रदेश में बिजली कटौती कर दूसरे राज्यों को बेचना, सोलर पंप योजना में राज्यांश कम करने से किसानों पर पड़ा भार

कारम बांध समेत अन्य अनिमितताओं की जांच
कारम बांध के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता
280 अधिकारियों के विरद्ध अभियोजन की स्वीकृति न देकर उन्हें बचाने का प्रयास करना।
अनुबंध नियुक्ति में विवाहित बेटी को नौकरी न देना, अविवाहित बेटियों और विधवाओं को पारिवारिक पेंशन का लाभ न देना
सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार के मामलों की धीमी जांच, पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश न देना
प्रधानमंत्री आवास और सामूहिक विवाह योजना में करोड़ों रपये का घोटाला
स्कूल के बच्चों के गणवेश खरीदी में अनियमितता, आदिवासी हितों की अनदेखी
प्रोफेसर भर्ती में घोटाला, हिंदी ग्रंथ अकादमी में संचालक की नियम विरद्ध नियुक्ति
किसानों की ऋण माफी रोकना, खाद की कमी, राज्य पर ऋण का अत्यधिक बोझ, कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति, प्रदेश में अवैध उत्खनन व रेत माफिया का आतंक












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