MP News: जानिए लोकायुक्त ने BEO कार्यालय के सहायक ग्रेड-2 को कैसे रंगे हाथों पकड़ा, मांग रहा था 1500 की रिश्वत
जबलपुर। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों का असर एक बार फिर दिखा, जब गुरुवार 20 नवंबर 2025 को जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी को महज 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
यह कार्रवाई शिक्षक के वेतन और वेतन वृद्धि को जल्दी लगवाने के नाम पर की गई घूसखोरी के खिलाफ हुई, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मध्यप्रदेश लोकायुक्त की टीम किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं है।

जानिए ट्रैप की पूरी घटना
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शशिकांत मिश्रा पिता स्वर्गीय शिव प्रसाद मिश्रा, उम्र 54 वर्ष, पद-सहायक ग्रेड-2, कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी जबलपुर के रूप में हुई है। ट्रैप की यह पूरी घटना विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के ठीक सामने उस समय हुई जब प्राथमिक शिक्षक नन्हे सिंह धुर्वे (पिता सहदेव सिंह धुर्वे, उम्र 45 वर्ष, निवासी बरगी, जबलपुर) अपने ट्रांसफर के बाद अटके वेतन और वार्षिक वृद्धि को लगवाने पहुंचे थे।
दरअसल, नन्हे सिंह धुर्वे जून 2025 में बालाघाट जिले से जबलपुर के शाला एक परिसर पिपरिया में प्राथमिक शिक्षक के रूप में स्थानांतरित हुए थे, लेकिन ट्रांसफर के पांच महीने बीत जाने के बाद भी उनका वेतन और इंक्रीमेंट फाइल में अटका हुआ था। जब वे फाइल आगे बढ़ाने के लिए बीईओ कार्यालय पहुंचे तो सहायक ग्रेड-2 शशिकांत मिश्रा ने साफ-साफ कहा कि "बिना कुछ दिए काम नहीं होगा" और 1500 रुपये की रिश्वत की मांग कर दी।
ट्रैप प्लान कैसे हुआ तैयार?
शिक्षक ने यह बात सीधे पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर को बताई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने तुरंत ट्रैप प्लान तैयार किया। आज दोपहर में जैसे ही नन्हे सिंह धुर्वे ने तय जगह पर शशिकांत मिश्रा को 1500 रुपये के नोट सौंपे, लोकायुक्त दल ने छापा मारकर आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा। रिश्वत की राशि आरोपी की जेब से बरामद कर ली गई और फॉरेंसिक जांच के लिए नोटों पर लगे केमिकल पाउडर की पुष्टि भी की गई। इस सफल ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व दल प्रभारी राहुल गजभिए ने किया, जबकि ट्रेपकर्ता बृजमोहन सिंह नरवरिया, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित जबलपुर लोकायुक्त की पूरी टीम ने त्वरित और गोपनीय तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
आरोपी शशिकांत मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)B तथा 13(2) के तहत तुरंत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि डीजी लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर छोटी-से-छोटी रिश्वतखोरी को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग में इस तरह की घटनाएं बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं।
इस कार्रवाई से जहां एक तरफ भ्रष्ट कर्मचारियों में खौफ पैदा हुआ है, वहीं ईमानदार शिक्षकों और आम नागरिकों का लोकायुक्त पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है। मामले की आगे की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।












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