ग्वालियर में सिंधिया ने की 11 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा, एलिवेटेड रोड, अंबेडकर धाम के लिए तय की समयसीमा
मध्य प्रदेश के ग्वालियर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने जिले और संभाग की 11 प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और प्रत्येक के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की।
एलिवेटेड रोड, अंबेडकर धाम, रेलवे स्टेशन नवीनीकरण, और आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए सिंधिया ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरे हों।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में ग्वालियर और मध्य प्रदेश विकास की नई कहानी गढ़ रहा है।" यह बैठक और साइट निरीक्षण ग्वालियर को एक आधुनिक, समृद्ध, और सांस्कृतिक रूप से जीवंत शहर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। आइए, इस समीक्षा, परियोजनाओं के विवरण, और उनके संभावित प्रभावों की पूरी कहानी जानते हैं।
समीक्षा बैठक: विकास को गति देने का संकल्प
ग्वालियर कलेक्ट्रेट में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, और कॉन्ट्रैक्टर्स शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति देखी और अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि कोई भी कार्य समयसीमा से पीछे न रहे। उन्होंने खास तौर पर उन परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, जो लंबे समय से अटकी थीं और जिनके कारण स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही थी।
सिंधिया ने कहा, "ग्वालियर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र है। यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। आधारभूत ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं को गति देना समय की मांग है।" उन्होंने गुणवत्ता पर किसी भी तरह का समझौता न करने की चेतावनी दी, ताकि ग्वालियर को आने वाले वर्षों में एक आदर्श जिला बनाया जा सके।

लंबित परियोजनाओं पर सख्ती, समयसीमा तय
बैठक में सिंधिया ने उन परियोजनाओं का विशेष रूप से संज्ञान लिया, जो वर्षों से लंबित थीं। इन परियोजनाओं के कारण स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम, पेयजल संकट, और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की और अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंधिया ने कहा, "नागरिकों की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। कोई भी परियोजना अनावश्यक देरी का शिकार नहीं होनी चाहिए।"
11 प्रमुख परियोजनाएं: विवरण और समयसीमा












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