Indore MP News: दिग्विजय सिंह का आरोप – मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा, 'I Love Mohammad' कैंपेन पर सियासत
मध्य प्रदेश के इंदौर में सांप्रदायिक तनाव ने नया मोड़ ले लिया है। 'I Love Mohammad' कैंपेन को लेकर छिड़ी बहस के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है, और हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देकर अल्पसंख्यकों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है।
इधर, भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की अपील पर अमल करते हुए शीतलामाता बाजार की कई दुकानों ने मुस्लिम कर्मचारियों को हटा दिया है, जिससे बाजार में तनाव बढ़ गया। दिग्विजय सिंह ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई अब 10 नवंबर को होगी।

शनिवार को सिंह को शीतलामाता मंदिर दर्शन से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सराफा थाने में ज्ञापन सौंपा। यह घटनाक्रम मध्य प्रदेश में बढ़ते धार्मिक ध्रुवीकरण को उजागर करता है, जहां आस्था के नाम पर नफरत की राजनीति चरम पर पहुंच गई है।
'I Love Mohammad' कैंपेन पर दिग्विजय का बचाव: "आस्था व्यक्त करने में क्या गलत?"
दिग्विजय सिंह ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 'I Love Mohammad' कैंपेन में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं हिंदू हूं, तो 'I Love Ram' या 'I Love Krishna' कह सकता हूं। बौद्ध 'I Love Gautam' कह सकता है, और जैन समाज 'I Love Mahavir'। इसमें क्या बुराई है? लेकिन इसे सांप्रदायिक रंग दे दिया गया। मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है।" सिंह ने कहा कि पहले 'जिहादी' शब्द का गलत इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब हर मुस्लिम विरोधी कदम को जिहाद का नाम दे दिया जाता है। "गूगल करके देखिए, जिहाद का मतलब बुराई से लड़ना है। धर्म के ठेकेदार देश में धर्म को बेच रहे हैं। हम सब पहले भारतीय हैं, फिर किसी धर्म के। भारत के संविधान को समझे बिना कुछ समझ नहीं आता।"
यह बयान उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुए 'I Love Mohammad' कैंपेन के संदर्भ में आया है, जो बरावफात जुलूस के दौरान एक बैनर से भड़का था। कैंपेन ने पूरे देश में प्रदर्शन भड़काए, जिसमें कानपुर, नागपुर, हैदराबाद और बैरेली में झड़पें हुईं। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी कहा, "I Love Muhammad कहना जुर्म नहीं है।" लेकिन विपक्षी दलों ने इसे नफरत फैलाने का हथियार बताया। दिग्विजय ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़े हैं, और यह संविधान के खिलाफ है।
एकलव्य गौड़ की अपील से बाजार में हड़बड़ी: मुस्लिम कर्मचारियों को हटाया, दुकानें बंद
विवाद तब और गहरा गया जब भाजपा के इंदौर उपाध्यक्ष और विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने शीतलामाता बाजार (इंदौर का सबसे बड़ा गारमेंट हब, जहां करीब 1,000 दुकानें हैं) के व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों से सभी मुस्लिम कर्मचारियों को हटा दें। गौड़ ने 25 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया, जिसे 'लव जिहाद' रोकने और बाजार की 'शुद्धिकरण' का नाम दिया। 25 सितंबर को समयसीमा खत्म होने के बाद कई व्यापारियों ने अनिच्छा से मुस्लिम कर्मचारियों को काम से हटा दिया, जिससे कम से कम 50 लोग बेरोजगार हो गए। कुछ दुकानें पूरी तरह बंद हो गईं, जबकि अन्य हिंदू संगठनों के दबाव में भगवा झंडों और बैनरों से सजा दी गईं।
एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "मेरे सभी कारीगर मुस्लिम हैं। त्योहारों के सीजन में बिना उनके कैसे काम चलेगा? लेकिन दबाव इतना है कि मजबूरी में हटा दिया।" गौड़ ने एक मीटिंग में बाजार संघ के अध्यक्ष हेमांति पंजवानी, महासचिव अतुल नीमा और अन्य को यह निर्देश दिया था। हिंदू रक्षक संगठन के प्रमुख अक्षय गौड़ (एकलव्य के सहयोगी) ने इसे 'हिंदू संस्कृति की रक्षा' बताया। लेकिन मुस्लिम कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जहां एक ने कहा, "मुस्लिम होना अपराध है क्या? बेरोजगारी पर ध्यान दो, न कि धर्म पर।"
कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने डिवीजनल कमिश्नर सुधाम खाड़े से मिलकर एफआईआर की मांग की। लेकिन इंदौर पुलिस ने कहा कि कोई आधिकारिक वीडियो न होने से केस नहीं दर्ज।
दिग्विजय सिंह को मंदिर दर्शन से रोका: पुलिस से बहस, थाने में ज्ञापन
शनिवार को दिग्विजय सिंह शीतलामाता बाजार पहुंचे, लेकिन एसीपी ने उन्हें बाजार और मंदिर में घुसने से रोक दिया। सिंह ने एडिशनल डीसीपी से शिकायत की कि मुस्लिम होने के कारण उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है, जो कानूनी अपराध है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पुलिस से लंबी बहस के बाद वे सराफा थाने पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। थाने के बाहर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे, कुछ महिलाएं हाथों में चूड़ियां लेकर खड़ी थीं। इलाके में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गई।
सिंह ने कहा, "मध्य प्रदेश की पुलिस पहले अच्छी थी, लेकिन अब दुख है। भाजपा विधायक के बेटे के अवैध आदेश पर अमल हो रहा है, लेकिन विरोध करने वालों को सुरक्षा नहीं मिल रही।" उन्होंने इंदौर एसपी कार्यालय में भी शिकायत दर्ज की।
हाईकोर्ट में याचिका: सांप्रदायिक तनाव पर सुनवाई टली
दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की है। याचिका में मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने, 'I Love Mohammad' कैंपेन पर विवाद और पुलिस की निष्क्रियता का जिक्र है। शनिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अब यह 10 नवंबर को होगी। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करने की मांग की गई है, जैसे भीड़ हिंसा और सांप्रदायिक दंगों पर। सिंह ने कहा, "यह याचिका अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए है।"
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