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MP News: ग्वालियर किले पर घटना, 17 साल की छात्रा ने की खुदकुशी की कोशिश, झाड़ियों में अटकने से बची जान

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को चौंका दिया। ग्वालियर किले के लाइट एंड साउंड पॉइंट से 17 साल की एक नाबालिग छात्रा ने कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। वह किले की तलहटी में झाड़ियों में अटक गई, जिसके कारण उसकी जान बच गई।

किले पर मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस की रेस्क्यू टीम की डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छात्रा को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रारंभिक जांच में छात्रा ने बताया कि अपने भाई की डांट से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और नाबालिग के परिजनों को सूचित कर लिया गया है।

Incident at Gwalior Fort 17-year-old student jumped MP police saved her life

घटना का विवरण: लाइट एंड साउंड पॉइंट पर हादसा

शनिवार, 16 अगस्त 2025 की शाम को ग्वालियर किला पर्यटकों और स्थानीय लोगों से गुलजार था। सुहाना मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में लोग किले के ऐतिहासिक दृश्यों और लाइट एंड साउंड शो का आनंद लेने पहुंचे थे। किले का लाइट एंड साउंड पॉइंट, जो अपनी खूबसूरती और ऊंचाई के लिए प्रसिद्ध है, उस दिन सेल्फी लेने वालों का पसंदीदा स्थान बना हुआ था।

इसी दौरान, 17 साल की एक नाबालिग छात्रा, जो ग्वालियर के एक स्कूल में कक्षा 12 की पढ़ाई कर रही थी, अचानक लाइट एंड साउंड पॉइंट से कूद गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा ने कोई चेतावनी या संकेत नहीं दिया और अचानक ही किले की दीवार से छलांग लगा दी। वह किले की तलहटी में मौजूद घनी झाड़ियों में जा अटकी, जिसके कारण वह गहरी खाई में गिरने से बच गई।

आसपास मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने तुरंत इस घटना को देखा और शोर मचाया। कुछ लोगों ने तत्काल ग्वालियर किले पर स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई शुरू हुई।

पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन: डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत

सूचना मिलते ही किले पर तैनात कॉन्स्टेबल ऋषि सिंह तोमर ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि छात्रा झाड़ियों में अटकी हुई थी और उसकी सांसें चल रही थीं। तलहटी तक पहुंचना आसान नहीं था, क्योंकि किला ऊंचाई पर स्थित है और नीचे का क्षेत्र घनी झाड़ियों और उबड़-खाबड़ चट्टानों से भरा हुआ है।

ऋषि सिंह ने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और नगर निगम की रेस्क्यू टीम को बुलाया। इसके बाद, स्थानीय लोगों की मदद से रस्सी के सहारे कॉन्स्टेबल तोमर तलहटी में उतरे और छात्रा की स्थिति का आकलन किया। रेस्क्यू टीम के पहुंचने पर एक जटिल बचाव अभियान शुरू हुआ।

रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब डेढ़ घंटे लगे। रस्सियों, हार्नेस, और अन्य उपकरणों की मदद से रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक छात्रा को झाड़ियों से निकाला और सुरक्षित ऊपर लाया। इस दौरान, स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू टीम का सहयोग किया। छात्रा को हल्की चोटें आई थीं, और उसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस पूछताछ, भाई की डांट बनी वजह

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने छात्रा से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में छात्रा ने बताया कि उसका अपने बड़े भाई से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। भाई ने उसे डांट दिया था, जिससे वह गहरे अवसाद में चली गई। नाराजगी और भावनात्मक तनाव के कारण उसने ग्वालियर किला पहुंचकर आत्महत्या करने का फैसला लिया।

छात्रा ने बताया कि वह अकेले साइकिल से किले पर पहुंची थी और लाइट एंड साउंड पॉइंट से छलांग लगाने का फैसला किया। हालांकि, वह यह नहीं बता पाई कि उसने इस विशेष स्थान को ही क्यों चुना। पुलिस ने छात्रा की पहचान गोपनीय रखी है, क्योंकि वह नाबालिग है, और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोपनीयता बरती जा रही है।

परिवार और स्कूल की प्रतिक्रिया

पुलिस ने तुरंत छात्रा के परिजनों को सूचित किया, जो घटना की खबर सुनकर गहरे सदमे में हैं। परिजनों ने बताया कि छात्रा सामान्य रूप से एक हंसमुख और पढ़ाई में अच्छी थी, लेकिन हाल ही में वह कुछ तनाव में थी। परिवार ने भाई की डांट को एक सामान्य पारिवारिक विवाद बताया, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह इतना गंभीर कदम उठाने का कारण बन जाएगा।

छात्रा के स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर दुख जताया है और कहा कि वे छात्रा और उसके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। स्कूल ने यह भी कहा कि वे अपने छात्रों के लिए मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सत्र शुरू करने पर विचार कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें।

पुलिस की जांच और मेंटल हेल्थ पर सवाल

ग्वालियर के हजीरा थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या छात्रा के इस कदम के पीछे कोई और कारण था। परिजनों, दोस्तों, और स्कूल के शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है।"

यह घटना किशोरों और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी सवाल उठा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरावस्था में भावनात्मक तनाव और छोटी-छोटी बातों को लेकर गहरे अवसाद में चले जाना आम हो रहा है। ग्वालियर के मनोवैज्ञानिक डॉ. अनिल शर्मा ने कहा, "किशोरों को मेंटल हेल्थ सपोर्ट की जरूरत है। परिवार और स्कूलों को बच्चों के व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें खुलकर अपनी बात कहने का मौका देना चाहिए।"

ग्वालियर किला और सुरक्षा चिंताएं

ग्वालियर किला मध्य प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। लाइट एंड साउंड पॉइंट किले का एक लोकप्रिय स्थान है, जहाँ से शहर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। हालांकि, इस घटना ने किले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किले के कुछ हिस्सों में रेलिंग और चेतावनी बोर्ड की कमी है, जिसके कारण ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने कहा कि वे किले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे।

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