Sagar News: MLA भूपेंद्र सिंह के भतीजे के फार्महाउस से लाखों की अवैध शराब जब्त, आनन-फानन में खत्म किए रिश्ते
मध्य प्रदेश के सागर जिले में आबकारी विभाग की एक बड़ी कार्रवाई ने सियासी हलकों में हड़कंप मचा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, पूर्व गृहमंत्री और सागर से विधायक भूपेंद्र सिंह के सगे भतीजे रुद्र प्रताप सिंह के फार्महाउस से 24 अगस्त 2025 को 11.79 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद की गई।
इस कार्रवाई के बाद बहरिया थाने में रुद्र प्रताप के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत FIR दर्ज की गई। जैसे ही यह खबर सामने आई, भूपेंद्र सिंह ने अपने वकील के माध्यम से एक सार्वजनिक बयान जारी कर रुद्र प्रताप से सभी संबंध खत्म करने की घोषणा की।

बहरिया में आबकारी विभाग की छापेमारी
24 अगस्त 2025 की शाम को सागर जिले के बहरिया थाना क्षेत्र में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रुद्र प्रताप सिंह के फार्महाउस पर छापेमारी की। रुद्र प्रताप, BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के बड़े भाई स्वर्गीय महेश सिंह के बेटे हैं। यह फार्महाउस बहरिया के बामोरा क्षेत्र में स्थित है, जहां पशुओं के लिए चारा रखने वाले एक कमरे में भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाई गई थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस को अंग्रेजी और देसी शराब का बड़ा जखीरा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 11,79,374 रुपये आंकी गई। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह शराब अवैध रूप से संग्रहित की गई थी और इसे बेचने की योजना थी। इस मामले में रुद्र प्रताप सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत FIR दर्ज की गई।

भूपेंद्र सिंह का रिश्ता तोड़ने का ऐलान
जैसे ही यह खबर सामने आई, भूपेंद्र सिंह ने तत्काल कदम उठाते हुए अपने वकील के माध्यम से एक सार्वजनिक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, "मेरे परिवार में मेरी पत्नी, तीन बेटियां, और एक बेटा शामिल है। इसके अलावा मेरा किसी से कोई संबंध नहीं है। रुद्र प्रताप के धंधे से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।" यह बयान 25 अगस्त 2025 को स्थानीय अखबारों और सोशल मीडिया पर प्रकाशित हुआ।
भूपेंद्र सिंह का यह कदम सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे उनकी छवि बचाने की कोशिश बताया, जबकि कुछ ने इसे खून के रिश्ते को नकारने की जल्दबाजी करार दिया।

कौन हैं रुद्र प्रताप और क्या है मामला?
रुद्र प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह के बड़े भाई स्वर्गीय महेश सिंह के बेटे हैं। बहरिया के बामोरा में उनका फार्महाउस है, जहां पशुपालन का काम होता है। गुप्त सूचना के आधार पर आबकारी विभाग और पुलिस ने इस फार्महाउस के एक कमरे में छापा मारा, जहां पशुओं के चारे के बीच भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाई गई थी। जब्त की गई शराब में देसी और अंग्रेजी दोनों तरह की शराब शामिल थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह शराब स्थानीय स्तर पर बिक्री के लिए रखी गई थी और इसका नेटवर्क सागर जिले के आसपास के क्षेत्रों तक फैला हो सकता है। इस मामले में रुद्र प्रताप के खिलाफ धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की गई, जो व्यावसायिक मात्रा में अवैध शराब के संग्रह और बिक्री से संबंधित है। इस धारा के तहत सजा गैर-जमानती होती है, जिसके कारण यह मामला और गंभीर हो गया है।
कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस ने इस घटना को BJP की दोहरी नीति का सबूत बताते हुए भूपेंद्र सिंह पर तीखा हमला बोला। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "भूपेंद्र सिंह ने गृहमंत्री रहते हुए कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाईं। अब उनके भतीजे के घर से शराब का जखीरा मिलता है, और वे रिश्ता तोड़ने की बात करते हैं। यह जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश है।"
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने X पर लिखा, "भूपेंद्र सिंह ने अवैध कारोबार से अकूत संपत्ति बनाई और उसे भतीजों के नाम पर रखा। अब जब फार्महाउस से शराब मिली, तो रिश्ता खत्म? सागर की जनता सब जानती है।" कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की भी घोषणा की है, जिससे सियासी तापमान और बढ़ने की संभावना है।
BJP की सफाई और बचाव
BJP ने इस मामले को व्यक्तिगत बताते हुए भूपेंद्र सिंह का बचाव किया। पार्टी के प्रवक्ता रमेश ठाकुर ने कहा, "यह रुद्र प्रताप का व्यक्तिगत मामला है। भूपेंद्र सिंह का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने तुरंत रिश्ता खत्म करके अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी।" ठाकुर ने यह भी कहा कि आबकारी विभाग निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हालांकि, BJP के इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर अजय मिश्रा ने कहा, "भूपेंद्र सिंह सागर में एक दिग्गज नेता हैं। उनके भतीजे के फार्महाउस से इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद होना उनकी सियासी और नैतिक जवाबदेही पर सवाल उठाता है। रिश्ता तोड़ने का बयान केवल नुकसान नियंत्रण की कोशिश है।"
सामाजिक और सियासी प्रभाव
इस घटना ने सागर और मध्य प्रदेश के सियासी माहौल को गरमा दिया है। भूपेंद्र सिंह, जो सागर से 8 बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व गृहमंत्री के रूप में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, उनकी छवि पर यह मामला बड़ा धब्बा लगा सकता है। सागर में स्थानीय लोग इस घटना को लेकर दो धड़ों में बंट गए हैं। कुछ लोग इसे भूपेंद्र सिंह की सियासी साजिश मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि रुद्र प्रताप का यह कृत्य व्यक्तिगत है।
अवैध शराब का बढ़ता खतरा
मध्य प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार एक गंभीर समस्या है। हाल के वर्षों में उज्जैन, मुरैना, और भोपाल जैसे शहरों में कच्ची शराब से हुई मौतों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। सागर में भी आबकारी विभाग ने हाल के महीनों में कई छापेमारियां की हैं। 2023 में सागर में 12.46 लाख रुपये की अवैध शराब और महुआ लाहन जब्त किया गया था। इस बार भूपेंद्र सिंह जैसे प्रभावशाली नेता से जुड़ा यह मामला इसे और संवेदनशील बनाता है।
आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सागर में अवैध शराब का नेटवर्क काफी बड़ा है। बड़े माफिया छोटे कारोबारियों के जरिए काम करते हैं। इस मामले में जांच से और बड़े खुलासे हो सकते हैं।"












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