Rapido चालक से पहले जालसाज युवक ने की दोस्ती, फिर लगा दिया सवा लाख रुपए का चूना, भोपाल पुलिस कर रही जांच
भोपाल में जालसाज युवक ने पहले रैपीडो चालक से दोस्ती की। इसके बाद उसे जाल में फंसाया और रैपीडो चालक के नाम से लोन लेकर उसे सवा लाख रुपए का चूना लगा दिया।
भोपाल,13 अक्टूबर। अक्सर जालसाज लोग ठगी करने का नया तरीका निकाल लेते हैं। ऐसा एक मामला राजधानी भोपाल से सामने आया है। जहां कम ब्याज पर क्रेडिट कार्ड बनवाने का झांसा देकर एक जालसाज युवक ने रैपीडो बाइक चलाने वाले के साथ धोखाधड़ी कर दी। आरोपी ने ठगी करने से पहले युवक के साथ जान पहचान बढ़ाई और दोस्ती कर ली। इसके बाद उसे जाल में फंसाया और सवा लाख रुपए का चूना लगा दिया। शिकायत के बाद भोपाल पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नीचे पूरे मामले को विस्तार से जानिए...

युवक ने रैपीडो चालक के साथ की दोस्ती, उसके बाद दिया दगा
पुलिस के अनुसार मुगलिया छाप खजूरी सड़क के रहने वाला गीता प्रसाद विश्वकर्मा रैपीडो बाइक चलाता है। जून 2022 में उसकी बाइक रवि विश्वकर्मा ने बुक की थी। गीता प्रसाद ने रवि को उसके बताएं ठिकाने पर छोड़ दिया। बाद में गीता प्रसाद ने रवि को नंबर देते हुए कहा कि रैपीडो एप का उपयोग किए बिना भी वे उसे मोबाइल पर सीधे फोन कर बाइक बुक कर सकता है। इसके बाद रवि ने कई बार उसकी बाइक का उपयोग किया और उसे किराए भी दिया। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। लेकिन रैपीडो चालक गीता को कभी भी एहसास नहीं हुआ कि रवि उसके साथ इसी तरह की जालसाजी करने वाला है।

दोस्त के मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर आरोपी ने लिया लोन
गीता प्रसाद और रवि के बीच अच्छी दोस्ती हो जाने के बाद एक दिन गीता प्रसाद ने रवि से कहा कि उसे रुपयों की जरूरत है। इस पर रवि ने उसे झांसा दिया कि वे उसका कम ब्याज दर पर क्रेडिट कार्ड बनवा देगा। जिसका उपयोग में वे लोन लेने में कर सकता है। इस पर रवि ने गीता प्रसाद के मोबाइल पर एक ही यूपीआई ऐप डाउनलोड किया और गीता प्रसाद के दस्तावेज जमा कर ₹1 लाख 22 हजार का लोन गीता प्रसाद के नाम से ले लिया

लोन वालों के फोन से हुआ खुलासा
लोन के पैसे भी गीता प्रसाद के अकाउंट में आए, लेकिन लोन लेने वाली बात गीता प्रसाद को नहीं पता थी। इसके बाद आरोपी ने उसके मोबाइल से सारे पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। बाद में गीता प्रसाद के पास जिस ऐप से लोन लिया था उन लोगों के किस्से जमा करने के लिए फोन आने लगे। तब गीता प्रसाद को यह बात पता लगी कि उसके साथ सवा लाख रुपए की ठगी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ आ रहा है।

नौकरी दिलाने के नाम पर ₹54 हजार की धोखाधड़ी
बुधावार को भोपाल में धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया। दरअसल ऑनलाइन ठगने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र को नौकरी का झांसा देकर ₹54000 हड़प लिए। साइबर पुलिस के मुताबिक 25 साल के अनुराग पटेल के पास जुलाई में फोन आया उसे नौकरी के बारे में बताया तो उसने हामी भर दी। उसमें तमाम तरह की प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ₹54000 ऑनलाइन खाते में जमा करा लिए इसके बाद भी नौकरी नहीं लगी तो अनुराग ने आरोपी से संपर्क किया। इस पर उन्होंने और रुपए मांगे लेकिन अनुराग ने मना कर दिया।












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