MP में बिगड़ा हुआ है क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ऐसा क्यों कहा, जानें
एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि प्रदेश में सत्ता प्रशासन और शासन में जातिगत व क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ा हुआ है। खासकर ग्वालियर सागर रीवा संभाग में यह संतुलन ज्यादा बिगड़ा हुआ है।
भोपाल,10 सितंबर। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार को लेकर कहा कि मैं शुरू से शिवराज जी कह रही हूं कि सत्ता प्रशासन और शासन में जातिगत व क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ा हुआ है। खासकर ग्वालियर सागर रीवा संभाग में यह संतुलन ज्यादा बिगड़ा हुआ है। मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार के समय में लखनऊ में सीबीआई कोर्ट में थी मैंने टीवी पर ब्रेकिंग देखी, तुरंत शिवराज जी से बात की। मैंने कहा- टीवी पर शपथ लेने वाले मंत्रियों के जो नाम आ रहे हैं। उनमें रीवा, जबलपुर संभाग छूट रहा है। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण बिगड़ा हुआ है। यह ठीक नहीं है। इससे कभी भी असंतोष बढ़ा सकता है।

प्रीतम सिंह लोधी पर बोली पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भोपाल स्थित निवास से मीडिया से चर्चा के दौरान प्रीतम सिंह लोधी पर कहा कि प्रीतम मेरा अनंता सहयोगी रहा है। लेकिन वह मेरे कारण भाजपा में नहीं आया उसके पिताजी जनसंघ के जमाने से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे। प्रीतम ने मेरा बहुत सहयोग किया है। जब मैंने उसका वीडियो देखा तो मैंने उसे तुरंत फोन किया और कहा कि जाओ वीडी शर्मा से इस विषय को लेकर बात करो। वह भोपाल आया और उसने माफी मांगी, लेकिन पार्टी ने उस पर कार्रवाई की। मैंने कहा पार्टी ने नूपुर शर्मा पर भी कार्रवाई की है, लेकिन तुम किसी भी धर्म विशेष के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का उपयोग मत करो। जैसे ही पार्टी से प्रीतम का रिश्ता खत्म हुआ मैंने भी उससे बातचीत बंद कर दी। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने प्रदेश में बिगड़ा हुआ क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन बताया।

धर्मस्थलों को संकीर्णता में बांधें
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि एससी एसटी ओबीसी को निजी क्षेत्र में आरक्षण मिलना चाहिए और इसके साथ 10% सवर्णों को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए। उन्हें पिछड़ा वर्ग भी मानना होगा। वे कहने के ही सवर्ण हैं।
वही आलिया भट्ट और रणबीर कपूर के महाकाल दर्शन को लेकर उमा ने कहा कि पुजारियों ने विरोध किया था। सारा अली खान ने बनारस में डुबकी लगाई, वहां भी विरोध हुआ। हमें धर्मस्थलों को संकीर्णता में नहीं बांधना चाहिए।

मदरसों पर हो रही कार्रवाई का उमा ने किया समर्थन
यूपी और एमपी में अवैध मदरसों पर हो रही कार्रवाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि मदरसों पर की जा रही कार्रवाई का मैं समर्थन करती हूं। उन्होंने कहा कि मदरसों की पढ़ाई में ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जो कट्टरपंथ के रास्ते पर चलने के लिए बाध्य करें। उन्हें भारतीय पुरातन संस्कृति के साथ तालमेल से चलना चाहिए। गरबा में पहचान पत्र की अनिवार्यता पर कहा कि जो लोग माता के जयकारे नहीं लगाते, उन्हें गरबा में प्रवेश नहीं करना चाहिए। ऐसे आयोजनों को कमाई का जरिया ना बनाएं।

प्रदेश में शराब नीति को लेकर उमा का बयान
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को श्यामलाल स्थित अपने बंगले पर मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदेश में शराब नीति को लेकर कहा कि शराब किसी भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था नहीं बनना चाहिए। राजस्व के दूसरे विकल्प भी खोजना चाहिए। कहा - मैने पूर्ण शराब बंदी की बात कभी नहीं कही, जब में सीएम थी तब मैने पूर्व शराब बंदी नहीं की तो दूसरों से कैसे कहूं। शराब वितरण प्रणाली को दुरुस्त किया जाना चाहिए, नियम इतने कठिन हों कि लोग बहार पी ही न पाएं। शराब और नशा पूरे देश की समस्या, राज्यों को नियम बनाने चाहिए। उमा भारती ने कहा कि केंद्र सरकार शराबबंदी को लेकर कोई कानून नहीं बना सकती है,क्योंकि यह विषय राज्य का है, इसलिए राज्य सरकार को इस विषय के बारे में सोचना होगा। राजनीतिक दलों को मिलकर कानून बनाना चाहिए।












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