Bhopal News: भोपाल में नकली IPS अधिकारी बनी युवती पकड़ी गई, पुलिस थाने में रौब झाड़ते हुए सच्चाई का खुलासा
MP news: भोपाल के टीटी नगर थाने में एक युवती को फर्जी पुलिस अधिकारी के रूप में रौब झाड़ते हुए पकड़ा गया है। युवती ने खुद को एडिशनल एसपी का बताया और थाने के हेड कॉन्स्टेबल से बातचीत करते हुए पुलिस अधिकारी बनने की नकल की। लेकिन थाने के टीआई और एसीपी ने उसे पहचान लिया और सख्ती से पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई।
युवती ने बनाई फर्जी पहचान
शिवानी चौहान (24), जो इंदौर के एमआईजी रोड की रहने वाली है, ने खुद को 2018 बैच की पुलिस अधिकारी बताया।

उसने कहा कि वह यूपीएससी का मेंस एग्जाम क्लियर कर चुकी है। लेकिन जब थाना प्रभारी ने उससे कुछ सवाल किए, तो वह घबरा गई और फर्जी पहचान का खुलासा किया। युवती ने पुलिस को बताया कि उसने यूट्यूब पर देख कर एडिशनल एसपी की वर्दी बनाई थी।
युवती ने इंदौर में पुलिस कैंटीन के सामने स्थित स्टोर से वर्दी, बेल्ट, जूते और बैज खरीदे थे। उसने बताया कि वर्दी में अशोक चिन्ह और सितारे लगाने के बारे में उसे यूट्यूब से जानकारी मिली थी। इसके आधार पर उसने पुलिस अधिकारी बनने का नकली रूप तैयार किया था।
रौब झाड़ते हुए थाने पहुंची युवती
शुक्रवार को शिवानी चौहान अपने मौसेरे भाई और भाभी के साथ न्यू मार्केट घूमने आई थी। उसने अपनी भाभी और भाई को यह बताकर थाने ले आई कि यह उसका ऑफिस है और वह थाने से होकर आती है। थाने में पहुंचने के बाद उसने हेड कॉन्स्टेबल से बातचीत करते हुए खुद को पुलिस अधिकारी समझते हुए रौब झाड़ना शुरू किया।
जब थाना प्रभारी सुनील भदौरिया ने उसकी बातचीत सुनी, तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने युवती से पुलिस विभाग से जुड़े सवाल किए। घबराई हुई युवती ने अपना झूठ स्वीकार किया। थाना प्रभारी ने तुरंत युवती को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की।
मां को खुशी देने के लिए रची थी फर्जी कहानी
पूछताछ में युवती ने बताया कि उसकी मां की तबियत खराब थी, और वह अपनी मां को खुश करने के लिए यह झूठ बोला था कि उसे पुलिस डिपार्टमेंट में नौकरी मिल गई है। उसने भाई-भाभी को बताया कि वह पुलिस विभाग में जॉइन कर चुकी है और उसका ऑफिस टीटी नगर में है।
केस दर्ज और जमानत पर रिहाई
पुलिस ने युवती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसे रात को ही जमानत मिल गई। मामले की जांच अभी जारी है। एसीपी चंद्र शेखर पांडे ने पुष्टि की कि युवती को न्यू मार्केट में वर्दी के साथ देखा गया था, जिसके बाद महिला आरक्षकों ने संदेह होने पर उससे पूछताछ की और फिर पूरी सच्चाई सामने आई।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि धोखाधड़ी के मामलों में केवल ठगी नहीं, बल्कि झूठ बोलकर किसी और की पहचान अपनाने की प्रवृत्ति भी खतरनाक साबित हो सकती है












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