भोपाल में दुर्गोत्सव की धूम, जानिए कैसे 1 करोड़ रुपये की लागत से बना भव्य राम मंदिर पंडाल
Bhopal News: भोपाल में दुर्गोत्सव का उत्साह पूरे शहर में फैल चुका है, जहां माता की झांकी सजाई गई है। पंडाल को लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से 35,000 स्क्वायर फीट में बनाया गया है।
हर रोज़ करीब 70-80 हजार लोग इस पंडाल में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं, और इस साल कुल 16-17 लाख भक्तों के आने की संभावना है।

बिट्टन मार्केट की खास झांकी
बिट्टन मार्केट में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर एक विशेष पंडाल सजाया गया है, जहां मां दुर्गा के साथ श्री राम भी भव्य रूप में विराजमान हैं। इस झांकी के संयोजक हरिओम खटीक ने बताया कि यह समिति पिछले 20 वर्षों से देश-विदेश के मंदिरों का झांकी स्वरूप में निर्माण करती आ रही है। इस साल अयोध्या से श्री रामलला जी को भोपाल लाया गया है, ताकि जो भक्त अयोध्या नहीं जा पाए, वे यहां झांकी में दर्शन का लाभ उठा सकें।

निर्माण में लगे कारीगर
राम मंदिर की झांकी को कोलकाता से आए 45-50 कारीगरों ने लगभग 75 से 80 दिनों में तैयार किया है। इसकी भव्यता को दूर से भी देखा जा सकता है, और यह बिल्कुल अयोध्या श्री राम मंदिर के तर्ज पर बना है। झांकी का उद्देश्य लोगों को श्री राम मंदिर की महत्ता और सांस्कृतिक एकता का संदेश देना है।
सीहोर के कलाकारों द्वारा तैयार की गई भव्य प्रतिमाएं
भोपाल में दुर्गोत्सव के दौरान झांकी में आए श्री रामलला और मां दुर्गा की प्रतिमाएं सीहोर के कलाकारों द्वारा बनाई गई हैं। इस झांकी में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, भगवान शंकर, माता पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं की लगभग 50 प्रतिमाएं शामिल हैं, जिन्हें विशेष रूप से इस आयोजन के लिए तैयार किया गया है।

विसर्जन की प्रक्रिया
झांकी को तैयार करने से पहले समिति के सदस्य और कारीगर अयोध्या गए थे, जहां उन्होंने राम मंदिर का भ्रमण किया और उसकी बारीकियों को देखा। इसी आधार पर झांकी का निर्माण किया गया है। खास बात यह है कि झांकी में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा, जबकि अन्य प्रतिमाएं मूर्तिकारों को वापस कर दी जाएंगी, ताकि जल स्रोत सुरक्षित रहे।
राम मंदिर का पंडाल
झांकी का प्रमुख आकर्षण राम मंदिर की अनुकृति पर आधारित 70 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा पंडाल है। इस पंडाल में भगवान राम की लीलाओं का जीवंत चित्रण भी किया गया है, जो भक्तों को आकर्षित कर रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और सामुदायिक एकता को भी प्रदर्शित करता है।












Click it and Unblock the Notifications