MP News: भोपाल में डायमंड सिटी कॉलोनी में प्रशासन का सख्त रुख, पशुपालन विभाग की 6 एकड़ जमीन पर नोटिस
Diamond City Colony: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। अनंतपुरा कोकता क्षेत्र में पशुपालन विभाग की 6 एकड़ जमीन पर हुए सीमांकन में कई अवैध कब्जे सामने आए हैं, जिसके बाद सोमवार, 8 सितंबर 2025 से कब्जाधारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा ने बताया कि नोटिस देने का काम तेजी से चल रहा है, और जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। हालांकि, कब्जाधारियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इस अभियान से भोपाल के डायमंड सिटी कॉलोनी में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है, जहाँ 20 मकान, एक प्राइवेट स्कूल, शादी हॉल, और अन्य अवैध निर्माणों का पता चला है।

सीमांकन से खुलासा: सरकारी जमीनों पर कब्जों का जाल
भोपाल के अनंतपुरा कोकता क्षेत्र में पशुपालन विभाग की 6 एकड़ जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे होने की शिकायतें थीं। प्रशासन ने हाल ही में इस क्षेत्र का सीमांकन कराया, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा ने बताया, "सीमांकन के दौरान पाया गया कि पशुपालन विभाग की जमीन पर विभिन्न प्रकार के अवैध निर्माण और उपयोग हो रहे हैं। हमने सोमवार से कब्जाधारियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। कब्जाधारियों को 15 दिनों का समय दिया जाएगा कि वे अपना पक्ष रखें। उसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
नगर निगम की 50 दुकानें: सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गईं।
- पेट्रोल पंप: एक पेट्रोल पंप का निर्माण हो चुका है।
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): नगर निगम द्वारा प्रस्तावित STP का निर्माण अवैध कब्जे पर हो रहा है।
- 5 एकड़ पर कृषि कार्य: जमीन पर खेती और पशुपालन से जुड़े अवैध कार्य हो रहे हैं।
- 200 फीट कोकता बायपास: सड़क निर्माण का कार्य भी कब्जे पर हो रहा है।
- 4 कॉलोनियों के गेट, सड़क, और पार्क: विभिन्न कॉलोनियों के प्रवेश द्वार, सड़कें, और पार्क सरकारी जमीन पर बने हैं।
- डायमंड सिटी कॉलोनी में 20 मकान: कॉलोनी में 20 अवैध मकान बनाए गए हैं।
- प्राइवेट स्कूल: एक निजी स्कूल का निर्माण सरकारी जमीन पर हो चुका है।
- शादी हॉल/रिसोर्ट: एक शादी हॉल और रिसोर्ट का निर्माण अवैध रूप से किया गया है।
- 1 एकड़ पर खेती और फार्म हाउस: खेती, फार्म हाउस, और पक्के निर्माण का पता चला।
- 130 डेसीमल भूमि पर अवैध खेती: छोटे स्तर पर अवैध कृषि कार्य।
तहसीलदार सौरभ वर्मा ने कहा, "ये कब्जे लंबे समय से चल रहे थे। सीमांकन के बाद हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे। कब्जाधारियों को नोटिस देकर उनका पक्ष सुना जाएगा, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है।"
डायमंड सिटी कॉलोनी में हड़कंप
डायमंड सिटी कॉलोनी के निवासी इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहाँ रहने वाले कई लोग सरकारी जमीन पर बने मकानों में रहते हैं। नोटिस मिलने की खबर फैलते ही कॉलोनी में हड़कंप मच गया। कॉलोनी अध्यक्ष रामेश पटेल ने कहा, "हमने कई साल पहले यहाँ मकान बनाए थे, जब जमीन पर कोई विवाद नहीं था। अब अचानक नोटिस आ गए हैं। हम अपना पक्ष रखेंगे, लेकिन बेघर होने का डर है।"
एक निवासी सीमा शर्मा ने बताया, "हमारा प्राइवेट स्कूल यहाँ चल रहा है, जिसमें 200 बच्चे पढ़ते हैं। अगर कार्रवाई हुई, तो बच्चों का भविष्य क्या होगा?" कॉलोनी में शादी हॉल और रिसोर्ट चलाने वाले विजय सिंह ने कहा, "हमने जमीन खरीदकर निर्माण किया था। अब सीमांकन में यह सरकारी बताई जा रही है। हम कोर्ट जाएंगे।"
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कार्रवाई से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। लेकिन तहसीलदार सौरभ वर्मा ने साफ कहा, "कानून सबके लिए एक समान है। अवैध कब्जे हटाने के लिए कार्रवाई अनिवार्य है।"
पशुपालन विभाग की भूमिका और कार्रवाई की प्रक्रिया
पशुपालन विभाग ने लंबे समय से इस जमीन पर कब्जों की शिकायत की थी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "यह 6 एकड़ जमीन पशुपालन के लिए आरक्षित थी, लेकिन अवैध कब्जों के कारण विभाग का विस्तार रुक गया था। सीमांकन के बाद अब कार्रवाई संभव हो पाएगी।"
कार्रवाई की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
नोटिस जारी: सोमवार से कब्जाधारियों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
सुनवाई का मौका: कब्जाधारियों को 15 दिनों में अपना पक्ष रखने का अवसर।
जांच और रिपोर्ट: तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर स्तर पर निर्णय।
कार्रवाई: अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन या अन्य उपाय।
वैकल्पिक व्यवस्था: प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास की योजना।
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा, "अवैध कब्जों को हटाना हमारी प्राथमिकता है। लेकिन हम सुनवाई का पूरा मौका देंगे। सरकारी जमीनों को मुक्त कराने से विकास कार्य तेज होंगे।"
भोपाल में अवैध कब्जों का इतिहास
भोपाल में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कोई नई समस्या नहीं है। 2024 में कोलार रोड पर एक बड़े कब्जे को हटाने का अभियान चला था, जिसमें सैकड़ों झुग्गियाँ हटाई गईं। 2023 में बैरागढ़ में पशुपालन विभाग की जमीन पर कब्जे हटाए गए थे। अनंतपुरा कोकता क्षेत्र में भी पहले कई बार नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई थी।
भोपाल नगर निगम आयुक्त भूपिंदर सिंह ने कहा, "अवैध कब्जे शहर के विकास में बाधक हैं। हम STP और बायपास जैसे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करेंगे।"












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