सरकारी स्कूलों के टीचरों पर कलेक्टर आशीष सिंह का दिखा एक्शन, 3 प्राचार्य और 2 शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी
Bhopal collector News: भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने आज सुबह स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया और लापरवाही मिलने पर 2 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त और तीन प्राचार्य को शोकॉज नोटिस जारी कर एक दिन का वेतन काटने के और असंचायी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्कूलों के निरीक्षण के दौरान पाया की स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम थी और स्कूल परिसर में अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक नहीं थी।
सूरज नगर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में शिक्षा के अतिरिक्त अन्य कार्य किए जा रहे थे। इस पर संबंधित प्राचार्य वन्दना उपाध्याय को शोकाज नोटिस जारी कर असंचायी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। इसके साथ ही संस्था में पदस्थ वर्षा का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1074 में पाया गया कि यहां पर 80 बच्चे पंजीकृत है। वर्तमान में केवल 13 बच्चे ही उपस्थित थे उनका रिकार्ड भी नही रखा जा रहा था और इसका जवाब मांगने पर संतुष्टि पूर्वक जवाब नही दिया गया, जिससे संबंधी आगनवाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा जाटव की सेवा समाप्ति करने के निर्देश भी महिला बाल विकास अधिकारी को दिए गए हैं।
कोटरा सुल्तानाबाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 2 शिक्षकों अवकाश पर हैं और 3 शिक्षक किसी अन्य कार्य में गए हुए हैं प्राचार्य रंजना सक्सेना भी बिना सूचना के उपस्थित रहे हैं। इस पर एक दिन का वेतन काटने और असंचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस पत्र जारी करने के निर्देश दिए है। स्टाफ पंजी का में गणक राजेश शुक्ला भी बिना सूचना के अनुपस्थित थे। इनका भी एक दिन का वेतन काटने और असंचायी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने के के निर्देश दिए हैं।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रातीबड़ के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शिक्षक हेमंत श्रीवास्तव एक जुलाई से अनुपस्थित हैं और उनके द्वारा शैक्षणिक कार्य विद्यालय के काम में मदद नहीं दी जाती है। एक भ्रुत्य विजय सिंह परिहार संस्था में कोई काम में सहयोग नहीं करते है। इस बात को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने दोनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। एक अन्य भृत्य सच मोहन वर्मा द्वार भी विद्यालय में अशोभनीय वातावरण और असहयोग करते है। इनका भी 1 दिन का वेतन काटने के साथ ही असंचायी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने के रोकने के लिए भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने को कहा गया है।
विद्यालय की प्राचार्य शशि सिंह के द्वारा प्रभावी नियंत्रण नहीं किए जाने के कारण इनको भी असंचायी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने के लिए सूचना पत्र जारी करने को कहा गया।












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