Cheetah : भारत की "चीता" ने दुनिया की 20 परियोजनाओं में बनाया स्थान, PMI ने वन्य जीव संस्थान को दी जानकारी
मध्यप्रदेश के श्योपुर कूनो पालपुर में नामीबिया से लाए गए चीतों की परियोजना को विश्व की 20 परियोजना में शामिल किया गया है। परियोजना प्रबंधन संस्थान पीएमआई(PMI) ने इस साल 2022 की विश्व की सबसे प्रभावशाली परियोजनाओं में भार
प्रधानमंत्री मोदी की चीता परियोजना को विश्व में बड़ा स्थान मिला है। दरअसल मध्यप्रदेश के श्योपुर कूनो पालपुर में नामीबिया से लाए गए चीतों की परियोजना को विश्व की 20 परियोजना में शामिल किया गया है। परियोजना प्रबंधन संस्थान पीएमआई(PMI) ने इस साल 2022 की विश्व की सबसे प्रभावशाली परियोजनाओं में भारत की "चीता परियोजना" को भी शामिल किया है। इसकी जानकारी देहरादून की भारत वन्यजीव संस्थान ने दी हैं। जिसमें कहा है कि चीता परियोजना पर वन विभाग द्वारा किया गया कार्य प्रमुख वैश्विक पहल के हिस्से के रूप में दर्ज किया गया है।

परियोजना प्रबंधन संस्थान(PMI) प्रमुख वैश्विक संस्था
पीएमआई ने बताया कि आपने एक भूमि से 75 साल पहले विलुप्त हो चुकी प्रजाति को पुनः स्थापित करने के लिए जलवायु परिवर्तन सहित कई अप्रत्याशित बाधाओं का सामना करते हुए परियोजना को पूरा किया है। बता दे परियोजना प्रबंधन संस्थान(PMI) प्रमुख वैश्विक संस्था है, जो दुनिया भर में ऐसी परियोजनाओं की सूची तैयार करती हैं, जिसका काम कठिन परिस्थितियों में पूरा कर विश्व स्तर पर पहचान बनाई हो।

चीता परियोजना का बढ़ गया महत्व
वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर वायवी झाला ने कहा है कि हजारों परियोजनाओं पर विचार करने के बाद चीता परियोजना का चयन किया गया है। इस सूची में शामिल होने के बाद चीता परियोजना का महत्व और अधिक बढ़ गया है उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को अफ्रीकी देश नामीबिया से 8 चीते लाए गए है। जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्योपुर के कूनो पालपुर नेशनल पार्क में छोड़ा गया। पहले तो इन चीजों को क्वॉरेंटाइन रखा गया था। इसके बाद इनमें से तीन चीजों को क्वॉरेंटाइन बाड़ों से आजाद कर दिया गया है। जबकि अन्य पांच को छोड़ने की तैयारी चल रही है।

ईमेल के जरिए सूचना
चीता परियोजना प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। मध्य प्रदेश सरकार ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर इसे प्रदेश में लागू किया है। बताया जा रहा है कि पीएमआई ने 15 नवंबर को यह सूची जारी की है। और संस्थान के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने चीता परियोजना को सूची में शामिल करने की सूचना ईमेल के जरिए देहरादून की भारतीय वन्य जीव संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसर वायवी झाला से साझा की है। सबसे प्रभावशाली परियोजना की सूची में इस परियोजना का शामिल होना ये दर्शाता है कि कैसे परियोजना प्रबंधकों ने डिजिटल व्यवधान और समानता के लिए आंदोलनों में धीमे परिवर्तन से अप्रत्याशित बाधाओं के बावजूद इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए सरल तरीके खोजें हैं।

विपक्ष को मिल गया जवाब
मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने चीता परियोजना को लेकर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए थे। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस परियोजना को सरकारी खर्चे की बर्बादी बताया था। लेकिन अब इस योजना के विश्व की परियोजना में शामिल होने पर दुनिया में भारत के साथ बड़ी है। ऐसे में विपक्ष को यह जवाब मिल गया कि यह परियोजना से भारत को विश्व में चर्चा हो रही है।












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