mp cabinet News: सीएम शिवराज की कैबिनेट बैठक संपन्न, अनुपूरक बजट सहित मानदेय वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी
mp cabinet baithak:मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। राजधानी भोपाल में हुई इस बैठक में पांच बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।
बता दे मध्य प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों को वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए सरकार 22 साल बाद प्रशिक्षण नीति बदलने जा रही है। इसके लिए क्षमता निर्माण नीति 2023 तैयार की गई है। इसमें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य क्षमता निर्माण परिषद का गठन किया जाएगा। मिशन कर्मी योगी के नाम से ₹10 करोड़ का बजट रखा जाएगा। कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा की गई। इसके अलावा बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास हुए।

- अब दो करोड़ से कम शुल्क राशि संग्रहण वाले टोल प्लाजा पर महिला स्व सहायता समूह शुल्क राशि वसूल करेंगे।
- जिला पंचायत अध्यक्ष , जनपद पंचायत अध्यक्ष और सरपंच के मानदेय और वाहन भत्ता बनाने को कैबिनेट की स्वीकृति।
- 8 नवीन महाविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति, 2 महाविद्यालय में नवीन संकाय , 3 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर के संकाय प्रारंभ करने को स्वीकृति , 489 नवीन पद सृजन की भी स्वीकृति
- मध्यप्रदेश क्षमता निर्माण नीति 2023 का अनुमोदन किया गया
- कैबिनेट ने दी ग्राम रोजगार सहायक के मानदेय में वृद्धि पर अतिरिक्त व्यय राशि 274.95 करोड़ रुपए की स्वीकृति
मध्य प्रदेश सरकार में गृह मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने जिला पंचायत व जनपद पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, पंच एवं उपसरपंचों के मानदेय और वाहन भत्ता को बढ़ाने एवं इस हेतु अतिरिक्त वित्तीय भार को अतिरिक्त रुप से उपलब्ध करवाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कैबिनेट ने ग्राम रोजगार सहायक के मानदेय में वृद्धि पर अतिरिक्त व्यय राशि 274.95 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश में अब दो करोड़ से कम शुल्क राशि संग्रहण वाले टोल प्लाजा पर महिला स्वसहायता समूह शुल्क राशि वसूल करेंगे। इस ऐतिहासिक निर्णय के साथ ही मध्यप्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐसा अभिनव नवाचार करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने और उन्हें दक्ष बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश क्षमता निर्माण नीति 2023 का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन किया गया है। नवीन नीति में भारत सरकार द्वारा शासकीय सेवकों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित मिशन कर्मयोगी की अवधारणा एवं विशेषताओं को सम्मिलित किया गया है।
नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश में नवीन समरसता छात्रावास योजना के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के भवन विहीन छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों में निर्माण पर ₹370.24 करोड़ का व्यय किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है।
इसी क्रम में आज म.प्र. कैबिनेट ने खालवा (खंडवा), फंदा (भोपाल), बाणसागर (शहडोल), बडौदा (श्योपुर), मंडवा (सीधी), बेटमा (इंदौर), हनुमना (रीवा), कोठी (सतना) एवं हट्टा (बालाघाट) में नवीन महाविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।
22 साल बदलेगी प्रशिक्षण नीति
मध्यप्रदेश में अधिकारियों कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए 11 जुलाई 2001 में प्रशासन नीति बनाकर लागू की गई थी। केंद्र सरकार साल 2012 में संशोधन नीति लागू कर चुकी है पर प्रदेश में पुरानी नीति ही चल आ रही हैं। कानून में कई संशोधन हो चुके हैं और नई तकनीकों का उपयोग शासकीय कार्य में किया जा रहा है। इसे देखते हुए वर्तमान नीति में संशोधन की आवश्यकता थी। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के लिए मिशन कर्मयोगी लागू किया है। इसके आधार पर नई नीति तैयार की गई है इसमें लोक सेवकों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया जाएगा।
नीति के दायरे में प्रथम श्रेणी संविदा से लेकर चतुर सैनी तक के कर्मचारी आएंगे बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण के कार्यक्रम होंगे। विभिन्न क्षेत्रों की संस्थाओं की सेवाएं ली जाएंगी। प्रत्येक 5 साल में नीति की समीक्षा होगी। प्रत्येक विवाह के वेतन मध्य में उपलब्ध बजट में से 1% राशि से मिशन कर्मियों की बजट शीर्ष बनाया जाएगा, जो ₹10 करोड़ का होगा।












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