भोपाल में बैंक मित्रों का बड़ा आंदोलन, 29 नवंबर को RBI कार्यालय तक पैदल मार्च, लंबित मांगों पर ज्ञापन, जानिए
मध्य प्रदेश के बैंक मित्रों (Banking Correspondents/Business Correspondents) की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अब सड़कों पर उतरने की तैयारी हो गई है। मध्य प्रदेश बैंक मित्र संगठन (ट्रेड यूनियन पंजीयन क्रमांक 7135/2024) ने 29 नवंबर 2025 को भोपाल में शांतिपूर्ण पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है।
यह मार्च वायरलेस चौराहा, अरेरा हिल्स, जेल रोड से शुरू होकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय तक जाएगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रजत कुमार शर्मा ने कहा, "हमारी मांगें RBI के दिशानिर्देशों से जुड़ी हैं। विचौलिया कंपनियों का शोषण बंद हो, सेवा स्थिरता और न्यूनतम मानदेय मिले।" आयोजकों का दावा है कि 200 से 700 बैंक मित्र शामिल होंगे, जो ग्रामीण बैंकिंग का आधार हैं।

संगठन ने RBI से वार्ता की अपील की है, वरना आंदोलन तेज होगा। यह आंदोलन न केवल आर्थिक न्याय की लड़ाई है, बल्कि वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) के योद्धाओं की गरिमा की रक्षा का प्रतीक भी। आइए, जानते हैं इस आंदोलन की पूरी रूपरेखा - मांगों से लेकर प्लान, RBI की भूमिका और बैंक मित्रों की समस्याओं तक।
विचौलिया कंपनियों का शोषण, कोई सुरक्षा नहीं - RBI मॉडल की पोल खुली
मध्य प्रदेश में 50,000 से अधिक बैंक मित्र कार्यरत हैं, जो RBI के 2006 मॉडल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाते हैं - खाता खोलना, लेन-देन, सरकारी योजनाओं का वितरण। लेकिन विचौलिया कंपनियां (आउटसोर्स एजेंसियां) उनका शोषण कर रही हैं। संगठन अध्यक्ष रजत कुमार शर्मा ने कहा, "कंपनियां कमीशन काटती हैं, मानदेय 8,000-12,000 रुपये। कोई बीमा, पेंशन नहीं।"
प्रमुख मांगें और समस्याएं:
- विचौलिया कंपनियों द्वारा शोषण: आउटसोर्स प्रथा से 30-50% कमीशन कटौती, मानसिक प्रताड़ना।
- सेवा स्थिरता और मानदेय: कोई फिक्स सैलरी नहीं, न्यूनतम 20,000 रुपये की मांग।
- सामाजिक सुरक्षा: बीमा, पेंशन, PF से वंचित।
- सरकारी योजनाओं का श्रेय: PMJDY, PMJJBY जैसी योजनाएं सफल, लेकिन बैंक मित्रों को कोई लाभ नहीं।
- बैंक प्रबंधन का व्यवहार: असमानता, अत्यधिक कार्य दबाव - रोज 12-14 घंटे काम।
शर्मा ने कहा, "RBI नीतियां बनाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर शोषण। हम RBI से सीधे बात चाहते हैं।"
आंदोलन का स्वरूप: 29 नवंबर को पैदल मार्च, RBI को ज्ञापन - 200-700 बैंक मित्र शामिल
आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। प्लान:
- एकत्रित स्थान: वायरलेस चौराहा, अरेरा हिल्स, जेल रोड, भोपाल।
- मार्च रूट: पैदल RBI कार्यालय, गोपाल (होशंगाबाद रोड) तक।
- समय: प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक।
- संख्या: 200-700 बैंक मित्र, सभी जिलों से।
- कार्यक्रम: नारेबाजी, ज्ञापन सौंपना। RBI गवर्नर के नाम मांगपत्र।
- आयोजक: मध्य प्रदेश बैंक मित्र संगठन।
शर्मा ने कहा, "हम बिना बाधा के शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। RBI से वार्ता चाहते हैं।" संगठन ने प्रशासन से अनुमति मांगी है।
RBI की भूमिका: 2006 मॉडल का जनक, लेकिन जमीनी हकीकत अलग
RBI ने 2006 में BC मॉडल शुरू किया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग पहुंचे। MP में 50,000 BC, 10 करोड़ खाते खोले। लेकिन विचौलिया कंपनियां (जैसे Fino, Banco आदि) शोषण कर रही हैं। RBI गाइडलाइंस: न्यूनतम मानदेय, बीमा। लेकिन लागू नहीं। संगठन ने RBI से अपील की, "नीतियां सख्त करें, कंपनियों पर लगाम लगाएं।"
बैंक मित्रों की जमीनी हकीकत: ग्रामीण बैंकिंग का आधार, लेकिन शोषण का शिकार
बैंक मित्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। एक BC ने कहा, "गांव में बैंक नहीं, हम ही बैंक। लेकिन 8,000 रुपये में गुजारा मुश्किल।" 2024 में MP में 5 लाख नए खाते BC से खुले। लेकिन शोषण: कोई छुट्टी नहीं, बीमारी में सैलरी कट।
प्रशासन और RBI की तैयारी: वार्ता की अपील, लेकिन आंदोलन तय
RBI भोपाल कार्यालय ने कहा, "मांगें देखी जाएंगी।" प्रशासन ने अनुमति पर विचार। लेकिन संगठन ने कहा, "वार्ता न हुई तो मार्च तय।"












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