Bhopal News: युवा अधिवक्ता की शिकायत का असर, ऐशबाग थाने के कांस्टेबल पर गिरी गाज! विभागीय कार्रवाई से हड़कंप
MP Bhopal News: राजधानी भोपाल में एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। युवा अधिवक्ता अभिषेक घाड़गे की शिकायत के बाद थाना ऐशबाग में पदस्थ हेड कांस्टेबल प्रेम नारायण विश्वकर्मा के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई एक क्लाइंट पर कथित रूप से झूठी NCR (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) दर्ज करने के मामले में की गई थी।
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि एक अधिवक्ता की सतर्कता और कानूनी प्रक्रिया के चलते विभाग को अपने ही कर्मचारी पर कार्रवाई करनी पड़ी।

झूठी NCR से शुरू हुआ पूरा मामला
युवा अधिवक्ता अभिषेक घाड़गे ने बताया कि उनके एक क्लाइंट के खिलाफ बिना ठोस आधार और तथ्यों के झूठी NCR दर्ज की गई थी। इस कार्रवाई को उन्होंने कानून और न्याय की भावना के विरुद्ध बताया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता घाड़गे ने तत्कालीन भोपाल पुलिस अधीक्षक जोन-1 आशुतोष गुप्ता से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने माननीय न्यायालय में धारा 198 के अंतर्गत याचिका भी प्रस्तुत की।
विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
मामला संज्ञान में आते ही पुलिस विभाग हरकत में आया। जांच के बाद हेड कांस्टेबल प्रेम नारायण विश्वकर्मा को धारा 179 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में पीड़ित के बयान दर्ज किए गए और एसीपी बिट्टू शर्मा द्वारा आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की गई।
"लोक सेवक की मनमानी नहीं चलेगी" - अभिषेक घाड़गे
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिवक्ता अभिषेक घाड़गे ने कहा- "भारत एक संवैधानिक देश है, जहां कानून का शासन है। किसी भी लोक सेवक की मनमानी आम नागरिकों और पीड़ितों के खिलाफ नहीं चल सकती।" उन्होंने कहा कि जनसेवा, जनभावना और जनसंवाद की प्रेरणा उन्हें अपने वरिष्ठ एवं मार्गदर्शक पप्पू विलास राव घाड़गे और कृष्णा घाड़गे से निरंतर मिलती रही है।
गरीब और पीड़ित वर्ग के लिए संघर्ष का संकल्प
अधिवक्ता घाड़गे ने स्पष्ट किया कि वे समाज के गरीब, कमजोर और पीड़ित वर्ग को न्याय दिलाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं और भविष्य में भी किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि इससे पहले भी अधिवक्ता अभिषेक घाड़गे की शिकायत पर थाना जहांगीराबाद में पदस्थ तत्कालीन थाना प्रभारी संजय सिंह सोनी को न्यायालय की अवमानना के मामले में स्थानांतरित किया जा चुका है। यह मामला भी न्यायालय के संज्ञान में आया था।
बड़ा संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि पीड़ित जागरूक हो और कानूनी रास्ता अपनाए, तो व्यवस्था के भीतर बैठी लापरवाही और मनमानी पर भी कार्रवाई संभव है। यह मामला पुलिस महकमे के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।












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