Bhopal News: इंस्टाग्राम पर ‘बच्चा चोर गिरोह’ की फर्जी अफवाह फैलाने वाले पर केस, भोपाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भोपाल पुलिस की सख्ती जारी है। थाना अयोध्यानगर पुलिस ने एक ऐसे मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है, जिसने बच्चा चोरी से जुड़ी फर्जी घटना का वीडियो वायरल कर समाज में भय और तनाव पैदा करने की कोशिश की। यह वीडियो पुराना (वर्ष 2019 का) था, लेकिन इसे नए सिरे से बच्चा चोर गिरोह सक्रिय होने की अफवाह के रूप में फैलाया गया।
घटना का पूरा विवरण
19 फरवरी 2026 को इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो पोस्ट किया गया। इस वीडियो में एक बालक को बंधा हुआ दिखाया गया और दावा किया गया कि वह बच्चा चोर है, जो भोपाल के अयोध्या नगर इलाके में सक्रिय है। वीडियो में बच्चे को बच्चे चुराकर उनके अंग (किडनी, कलेजा आदि) हमीदिया अस्पताल में बेचने की कहानी सुनाई गई। यह वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और लोगों में दहशत फैल गई।

पुलिस ने वीडियो की तस्दीक की तो पता चला कि यह घटना अगस्त 2019 की है और उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के थाना एट क्षेत्र की है। उस समय एक बालक सोनू श्रीवास अपनी बहन के घर से लौट रहा था। टोल नाके के पास ढाबे के कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लड़कों ने उसे शराब के नशे में बच्चा चोर बताकर पकड़ा, मारपीट की और हाथ बांधकर खंभे से बांध दिया। डर के मारे बच्चे ने झूठी कहानी बोल दी। बाद में पुलिस ने जांच में पाया कि बच्चा निर्दोष था और उसे मारपीट करने वाले 4 लोगों (अंकित वाल्मिक, नीलू सिंह ठाकुर, अरविंद पाल, आशीष) के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस आयुक्त संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के सख्त निर्देशों के तहत डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह, अतिरिक्त डीसीपी गौतम सोलंकी और सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी. नगर संभाग मनीष भारद्वाज के मार्गदर्शन में थाना अयोध्यानगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
इंस्टाग्राम आईडी prathvi_banna_744 के उपयोगकर्ता के खिलाफ अपराध क्रमांक 77/2026 दर्ज किया गया है। आरोपित धारा 223 (ए) बीएनएस (भ्रामक जानकारी फैलाना) के तहत मामला लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि इस तरह की भ्रामक जानकारी से समाज में डर, तनाव और वैमनस्यता का माहौल बनता है। पुलिस आयुक्त के आदेश (पु.आयु. पु. उपा./आस ू सुरक्षा/भो/आ/01/26 दिनांक 03.01.2026) के तहत सोशल मीडिया पर झूठी घटनाओं का प्रचार प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
भोपाल पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
- सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो, ऑडियो या मैसेज बिना सत्यापन के शेयर न करें।
- बच्चा चोरी या ऐसी किसी भी घटना की अफवाह फैलाने से बचें।
- किसी भी भ्रामक जानकारी को आगे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की पुष्टि करें।
- यदि कोई ऐसा वीडियो या मैसेज मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनी अपराध है और इसके लिए जेल और जुर्माना हो सकता है।
समाज में बढ़ता भय और पुलिस की जिम्मेदारी
पिछले कुछ महीनों में भोपाल में बच्चा चोरी की अफवाहों से कई बार तनाव पैदा हुआ है। लोग बिना पुष्टि के वीडियो शेयर करते हैं, जिससे समाज में डर और वैमनस्यता फैलती है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसी अफवाहों पर सतत निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के खतरों को उजागर करती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। लोगों से अपील है कि वे सत्यापित जानकारी ही शेयर करें और अफवाहों से बचें।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना अब अपराध - भोपाल पुलिस सख्त
अगर आपके पास कोई ऐसी जानकारी है तो तुरंत थाना अयोध्यानगर या भोपाल पुलिस कंट्रोल रूम (100) पर सूचित करें।












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