Bhopal News: मस्जिद के सामने मकान से 20 लाख रुपये की हाई-ब्रांड विदेशी शराब बरामद, मां-बेटे का गोरखधंधा बेनकाब
MP News: राजधानी में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार तीसरे दिन शुक्रवार 21 नवंबर 2025 को एक और सनसनीखेज कामयाबी मिली, जब गिन्नौरी मोहल्ला (बैरसिया रोड क्षेत्र) में मस्जिद के ठीक सामने एक मकान से हाई-ब्रांड विदेशी शराब का भारी जखीरा बरामद किया गया।
कुल 98 पेटियां (लगभग 470 लीटर) शराब जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत करीब 20 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है। मकान मालकिन गायत्री यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका बेटा राहुल यादव फरार है। राहुल के खिलाफ पहले भी आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज है।

आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के सख्त निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में यह अब तक की सबसे बड़ी सिंगल रेड मानी जा रही है। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी रामगोपाल भदौरिया के नेतृत्व में सुबह-सुबह मुखबिर की सूचना पर छापा मारा गया। जब टीम गिन्नौरी मोहल्ले में मस्जिद के सामने गायत्री यादव के मकान पर पहुंची तो वहां का नजारा देख हर कोई दंग रह गया। पूरे मकान को शराब के गोदाम में तब्दील कर दिया गया था।
जब्त शराब के प्रमुख ब्रांड
- Blenders Pride
- The Glenlivet
- Black Label
- Red Label
- Jameson
- Jagermeister
- Signature
- Absolut Vodka
- 100 Pipers
- Black Dog
- Imperial Blue
- Royal Stag
- Ranthambore
- Bacardi
- Old Monk
- Magic Moments
- Officer's Choice
- McDowell's
और अन्य हाई-रेंज ब्रांड
ज्यादातर शराब हरियाणा और चंडीगढ़ की बताई जा रही है, जिसे डुप्लीकेट बिल के जरिए भोपाल में सप्लाई किया जा रहा था।
मां-बेटे का पुराना धंधा
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि गायत्री यादव और उसका बेटा राहुल यादव लंबे समय से अवैध शराब की तस्करी और बिक्री का धंधा चला रहे थे। इलाके में ये लोग "यादव मदिरा सप्लायर्स" के नाम से कुख्यात थे। राहुल पहले भी आबकारी विभाग की रेड में फंस चुका है और उसके खिलाफ धारा 34(2) का प्रकरण दर्ज है। मां गायत्री घर से ही पूरा नेटवर्क ऑपरेट करती थी। पड़ोसियों ने बताया कि रात-दिन गाड़ियां आती-जाती रहती थीं और शराब की पेटियां उतारी जाती थीं।
वृत प्रभारी नीरज कुमार दूबे ने मौके पर ही गायत्री यादव को गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)क और 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया। फरार राहुल यादव की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आबकारी टीम को शक है कि यह शराब शहर के बड़े होटल, बार और पब में ऊंचे दामों पर सप्लाई की जाती थी।
"कोई बख्शा नहीं जाएगा" - आबकारी विभाग
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने प्रेस को बताया, "भोपाल में अवैध शराब का एक-एक कारोबारी अब हमारी रडार पर है। पिछले तीन दिनों में हमने 50 लाख रुपये से ज्यादा की विदेशी शराब जब्त की है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। जो लोग लाखों-करोड़ों कमा रहे हैं, उन्हें लगेगा कि कानून अभी जिंदा है।" उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारी सीजन और नए साल में शराब माफिया पर और सख्ती बरती जाएगी।
लगातार तीसरे दिन बड़ी कार्रवाई
- 19 नवंबर: बावड़ियां कलां में वाहन से 306 लीटर विदेशी शराब जब्त
- 20 नवंबर: उसी इलाके में 27 लीटर विदेशी शराब + महुआ लाहन
- 21 नवंबर: गिन्नौरी में 20 लाख+ की शराब + गायत्री यादव गिरफ्तार
भोपाल में आबकारी विभाग का यह अभियान अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोग और व्यापारी भी इसकी तारीफ कर रहे हैं। एक दुकानदार ने कहा, "लीगल शराब महंगी है, इसलिए लोग अवैध की तरफ जाते हैं। अब जब सख्ती हो रही है तो बाजार में भी कीमतें कंट्रोल होंगी।"
आबकारी विभाग ने ऐलान किया है कि अगले कुछ दिनों में और भी बड़े खुलासे होने वाले हैं। फरार राहुल यादव की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। भोपाल अब अवैध शराब के कारोबारियों के लिए "हॉटस्पॉट" बनता जा रहा है - लेकिन इस बार कानून के शिकंजे में!












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