पोस्टमार्टम के लिए बेटे का शव लेकर 18 घंटे तक भटकता रहा बाप
भोपाल। मध्य प्रदेश से एक तस्वीर सामने आई है जो इस बात को साबित करती है कि देश का सिस्टम कितना बेरहम हो गया है। यहां एक पिता हाथों में बेटे का शव और आंखों में आंसू लिए पोस्टमार्टम के लिए 18 घंटे तक भटकता रहा। काफी मशक्कत के बाद पोस्टमार्टम हुआ और फिर अंतिम संस्कार किया गया।

मामला झाबुआ का है। यहां के रहने वाले पांगु गिरवाल के 10 साल के बेटे पंकज को सोमवार शाम सांप ने काट लिया। पांगू अपनी जीप से बेटे को लेकर रंभापुर स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, यहां से उन्हें मेघनगर अस्पताल भेजा गया। मेघनगर में प्राथमिक उपचार शुरु किया गया लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
फिर शुरु हुआ सिस्टम का खेल
पंकज की मौत के बाद मेघनगर स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने पोस्टमार्टम के लिए उन्हें मेघनगर थाने ले जाने की सलाह दी। थाने पहुंचने के बाद पांगु को कहा गया कि शव को रंभापुर चौकी ले जाओ, वहीं लिखापढ़ी होगी।
पांगु बेटे के शव को लेकर रंभापुर चौकी पहुंचे तो पहले दो घंटे तक बिठाए रखा गया। फिर उसे कहा गया कि शव को घर ले जाओ, सुबह आना। पांगु के पास शव को घर ले जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था।
सुबह वो बेटे के शव को लेकर रंभापुर चौकी पहुंचा तो फिर घंटों तक उसे बैठाए रखा। लिखापढ़ी करने के बाद फिर उसे मेघनगर थाने भेज दिया गया। आखिर दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद पंकज का अंतिम संस्कार हो सका।












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