आखिर क्या कसूर था 'सानिया बानो' का? स्कूल में जाती और गरीबी कैसे बनी छात्रा की जान की दुश्मन
समाज कोई भी हो लेकिन आज के दौर में भी जाती-नस्ल, अमीर-गरीब जैसे मापदंडों से इंसानों को आंका जाता है। कई बार इनसे जुड़े ताने इंसान को इतना हताहत कर देते हैं कि वो पूरी तरह टूट जाता है, यहां तक की इसी अपमान के अवसाद में वो जान भी दे देता है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से ऐसा ही एक समाज को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमे 'अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामियां इंटर काॅलेज' में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा ने एक शिक्षक और शिक्षिका से तंग आकर फांसी लगा ली। छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है। इस सुसाइड नोट में छात्रा ने टीचरों द्वारा कमजोर जाति और गरीब होने का ताना देते हुए सारे आम प्रताड़ित किए जाने की बात कही है।

पिता की हो चुकी है मौत, कप्तान के पास पहुंची माँ
आपको बता दें कि मृत छात्रा 'सानिया' के पिता की कई सालों पहले मौत हो चुकी है। छात्रा की मां किसी तरह अपनी दो बेटियों को पढ़ा रही थी। बड़ी बहन के साथ हुए इस हादसे के बाद छोटी बहन ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। शिक्षकों द्वारा इस भेदभाव के बाद मृतक छात्रा की मां काफी हताश है। कार्रवाई को लेकर उसने नगर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद छात्रा की मां कप्तान से मिली तब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

छात्रा की माँ ने क्या कहा
मृतक छात्रा की मां नसरीन बानो ने बताया हैं कि 2018 में उनके पति की हार्ट अटैक से मौत के बाद परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया। वर्ष 2022 में उन्होंने अपनी दो बेटियों सानिया बानो व मारिया बानो का प्रवेश अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामियां इंटर काॅलेज में कराया।

27 मई को शिक्षिका वस्फी खातून द्वारा सानिया से 11 सौ रुपये फीस लेकर कम की रसीद दी गई। गरीबी के कारण सानिया ने इसका विरोध किया। इसके बाद सानिया को प्रताड़ित किया जाने लगा। शिक्षिका ने छात्रा से कहा कि गरीब और कमजोर जाति की होकर ऊंची जातियों की बराबरी करती हो।

आरोपी टीचरों ने उल्टा छात्रा के चरित्र पर उठाई उंगली
उधर, जब छात्रा की आत्महत्या करने की जानकारी इन आरोपी शिक्षकों को हुई तो उन्होंने छात्रा के चरित्र पर ही आरोप लगाते हुए उसे आत्महत्या का कारण बता दिया। गौरतलब है कि छात्रा की मौत के बाद एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमे छात्रा ने लिखा है कि स्कूल की एक शिक्षक और एक शिक्षिका उसे बार-बार सार्वजनिक तौर पर कमजोर जाति और गरीब होने का ताना देने थे। सुसाइड नोट में इसी से आहत होकर आत्महत्या करने का जिक्र है। हालांकि छात्रा द्वारा लिखे गए शब्दों को यहां बयां भी नहीं किया जा सकता, जो इन शिक्षकों ने उससे कहे थे।
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