मार्च तक नहीं की 'पहल' तो 750 रुपए में लेनी पड़ेगी रसोई गैस
बैंगलुरू। अगर आप कर्नाटक की राजधानी में रहते हैं और आपका आधार कार्ड बैंक खाते से नहीं जुड़ा है तो आपको रसोई गैस 750 रुपए में खरीदनी पड़ सकती है। जी हां दिल्ली में एलपीजी गैस की सब्सिडि की योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर(डीबीटीएल) को फिर से शुरु किया जा रहा है। ऐसे में अगर आप एलपीजी गैस पर सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं तो मार्च माह से पहले अपने आधार कार्ड को बैंक खाते में जोड़ ले।

डीबीटीएल स्कीम को पहल नाम से फिर शुरु किया जा रहा है। इस योजना को बैंगलुरू में रीलांच किया गया है। इससे पहले इस योजना के तहत आधार कार्ड का होना जरूरी नहीं था। हालांकि उपभोक्ता अपने बैंक अकाउंट में 17 डिजिट के आधार कार्ड नंबर को जोड़ सकते हैं।
डिलीवरी मैन को भी दे सकते हैं आधार नंबर
अगर आप किसी वजह से अपना आधार कार्ड अपने बैंक खाते से जोड़ने में असफल रहे हैं तो आप अपने गैस डिलीवरी मैन को भी अपना आधार नंबर दे सकते हैं। इसके लिए आपको www.petroleum.nic.in वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड करके उसमें आधार कार्ड नंबर भरकर देना होगा।
अखिल भारती एलपीजी फेडरेशन के कर्नाटक सर्किल के सेक्रेटरी एन सत्यन का कहना है कि वह इस योजना के जरिए बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं। इसके लिए कई गैस एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है ताकि वो अपने उपभोक्ताओं को इस योजना के बारें अवगत करा सके।
डीबीटीएल को कर्नाटक के 28 जिलों में फिर से शुरु किया गया है। इस योजना में देशभर के 622 जिलों को चुना गया है। जिसमें से पिछले साल नवंबर माह में 54 जिलों में इस य़ोजना को लागू किया जाना है। वहीं इस योजना ने मैसूर में 99 फीसदी और तुमकुरू में 96 फीसदी अपने लक्ष्य को प्राप्त भी कर लिया है।
कर्नाटक में 93 लाख में से महज 40 लाख उपभोक्ताओं ने कैश ट्रांसफर योजना के तहत अपने आप संबद्ध कराया है। वहीं बैंगलुरू में 27 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं लेकिन इनमें से सिर्फ 15 फीसदी लोगों ने कैश ट्रांसफर योजना में अपने गैस कनेक्शन को जोड़ा है।












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