BJP विधायक सुरेंद्र सिंह का अखिलेश को खुला चैलेंज, कहा- बैरिया से लड़े तो 1 लाख वोटों से हराऊंगा
BJP विधायक सुरेंद्र सिंह का अखिलेश को खुला चैलेंज, कहा- बैरिया से लड़े तो 1 लाख वोटों से हराऊंगा
बलिया, 01 दिसंबर: बैरिया से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह अक्सर अपने बयानों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में बने रहते हैं। हाल ही में दिए अपने एक बयान की वजह से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह फिर से चर्चाओं में आ गए हैं। दरअसल सुरेंद्र सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव को अपने विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का खुला चैलेंज दिया है।

सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सपा मुखिया यदि 2022 का विधानसभा चुनाव बैरिया सीट से लड़ेगे तो उन्हें एक लाख वोटों से हरा दूंगा। सिंह कहा कि यदि वे अखिलेश यादव को चुनाव में नहीं हरा पाए तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा। इस दौरान बीजेपी विधायक ने किसान नेता व भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को भी आड़े हाथों लिया। बीजेपी विधायक राकेश सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत किसान नेता नहीं है वो शुद्ध रूप से डकैत है।
दरअसल, बीजेपी विधायक सुरेन्द्र सिंह भारतीय जनता किसान मोर्चा द्वारा जिला मुख्यालयों पर आयोजित ट्रैक्टर रैली के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मीडिया द्वारा बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह से किसान नेता के धरने पर बैठे होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्हें जवाब देते हुए कहा कि हकीकत में वो किसान नेता नहीं है। कहा कि राकेश टिकैत तो शुद्ध रूप से डकैत है, व्यापारी है। व्यापारी भी है अत्याचारी भी है। जो छह-छह पेट्रोल पंप चल रहा है वो भी कहता है वो किसान है।
राकेश टिकैत किसान नहीं है। किसान के नाम पर बारगेनिंग करना वाला बेईमान है और ऐसे बारगेनिंग करने वाले बेईमान की निंदा होनी चाहिए। इतना ही नहीं, सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि टिकैत 'फंडिंग' की बदौलत ही राजनीति कर रहे हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने सपा और कांग्रेस के इशारे पर किसानों को विरोध के लिए तैयार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों की वापसी के बाद आखिर अब किसानों के आंदोलन के पीछे क्या तर्क रह गया है।
उन्होंने कहा कि लोगों की भावनाओं को सम्मान देते हुए संसद ने भी मंगलवार को इन कानूनों की वापसी को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और राकेश टिकैत ईमानदार नहीं है। वे पीएम मोदी और सीएम योगी के सामने कहीं नहीं ठहरते हैं। मोदी पूरी दुनिया को अपना परिवार मानते हैं। वहीं अखिलेश यादव के लिए परिवार ही उनकी दुनिया है। वो जो अपने परिवार को ही दुनिया मानता है ईमानदार नहीं हो सकता।












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