महिला सिपाही से अनपढ़ युवक शादी का झांसा देकर बनाता रहा शारीरिक संबंध, जब हुई गर्भवती तो
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में प्यार, सेक्स और धोखे का नहीं, बल्कि लाखों रुपए की हेराफेरी और गर्भवती प्रेमिका को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला सामने आया है। प्रेमिका भी कोई आम नहीं, बल्कि यूपी पुलिस की आरक्षी। दरअसल, एक अनपढ़ ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर उसे प्रेमजाल में फंसाया और फिर न केवल महिला सिपाही से कथित शादी कर चार साल तक रेप किया और एक कार और लाखों रुपए भी ऐंठ लिए। हद तो तब हो गई जब उसने प्रेमिका को गर्भवती करने के बाद अपनाने से इनकार कर दिया।

मोबाइल फोन से खुला राज
प्यार में धोखा मिलने के बाद महिला आरक्षी ने आत्महत्या कर ली। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने आरक्षी का मोबाइल खंगाला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी थी और 2018 बैच की महिला आरक्षी थी। वह फरवरी 2019 से आजमगढ़ की एक कोतवाली में तैनात थी। वह फूलपुर कस्बा में स्थित स्टेट बैंक के पास किराए के मकान में रहती थी।
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7 फरवरी को फंदे पर लटका मिला था का शव
बता दें कि महिला सिपाही का शव उसके आवास में 7 फरवरी को फंदे से लटका पाया गया था। उस समय महिला सिपाही का मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण पुलिस कोई सुराग नहीं जुटा पाई थी। विवेचना के दौरान जब मोबाइल की सीडीआर और चैट हिस्ट्री खंगाली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। इसके बाद पुलिस ने जब प्रेमी की कुंडली खंगाली तो सारे राज से पर्दा उठ गया।

बैंक अधिकारी बनकर फंसाया था प्रेमजाल में
एएसपी ग्रामीण नागेंद्र सिंह के मुताबिक, आरक्षी का प्रेमी अविनाश कुमार पुत्र लल्लन राम वाराणसी के लंका का रहने वाला था। चार साल पहले 2016 में जब महिला आरक्षी वाराणसी में पढ़ती थी तब प्रेमी एक निजी बैंक के प्रबंधक का वाहन चलाता था। उसी दौरान उसने खुद को बैंक प्रबंधक बताते हुए उसको अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिया। इसी बीच 2018 में वह यूपी पुलिस में भर्ती हो गयी। इस दौरान भी दोनों का संबंध बरकरार रहा।

कार और पांच लाख रुपए भी दिए थे
इस दौरान कथित तौर पर दोनों ने शादी भी कर ली। खुद को अविनाश की पत्नी मान बैठी महिला सिपाही ने उसे लोन लेकर एक कार दिलाई। फिर पांच लाख रूपया भी दिया। हाल में वह गर्भवती हो गयी जब यह जानकारी अविनाश को हुई तो वह उससे दूरी बनाने लगा। महिला सिपाही ने दबाव बनाया तो उसने परिवार के सामने उसे स्वीकार करने से मना कर दिया। मजबूर महिला सिपाही ने लोकलाज के भय से गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ खुद को भी मिटाने का फैसला कर लिया। सात फरवरी को भी उसने अविनाश से बात की और फिर मोबाइल बंद कर मौत को गले लगा लिया। इसी के साथ इस प्रेम कहानी का अंत हो गया।












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