अमेठी: सम्पर्क मार्ग न होने से नाराज ग्रामीणों ने टांगा 'रोड नहीं तो वोट नहीं' का बैनर
Amethi news, अमेठी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के चुनावी मैदान में उतरने से उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट वीवीआईपी तो जरूर बन गई है, लेकिन यहां के हालात आज भी बद से बदतर ही हैं। स्थिति ये है कि गांवों में सम्पर्क मार्ग तक नहीं है। हम बात कर रहे हैं गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के मुसाफिरखाना कोतवाली अंतर्गत कैलाश पुर गांव की, जहां सम्पर्क मार्ग न होने से नाराज ग्रामीणों ने 'रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर' लगाकर मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि दादरा से कैलाशपुर तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण करने की मांग पहले भी की गई थी। बीते वर्ष विधायक राकेश प्रताप सिंह ने लोक निर्माण विभाग को पत्र भी लिखा था। जन सुनवाई में इस बावत शिकायत भी की गई थी, लेकिन मसले का अभी तक कोई हल नहीं निकला है।
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चुनाव बहिष्कार का ऐलान
ग्रामीणों की मानें तो आजादी के 75 साल में भी उनके गांव की हालत वैसे ही है जैसे आजादी के पहले थी। यहां आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। लोग वोट बराबर देते रहते हैं, नेता आते हैं हमको सांत्वना देकर चले जाते हैं। इसके बाद कोई सुनता ही नहीं। इसलिए हम वोट देने का बहिष्कार करते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
डीएम ने कहा कि इसकी सूचना ही उनको नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदान करना न केवल मतदाता का कर्तव्य है, बल्कि उसका संवैधानिक अधिकार है। प्रकरण संज्ञान में आया है, वह एसडीएम को भेजकर समस्या का निराकरण कराएंगे। उनसे संकल्प पत्र भी भरवाएंगे और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित भी करेंगे।












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