Rashmi yadav SI : कौन थीं रश्मि यादव, अमेठी में जिन्होंने पुलिस की वर्दी में मौत को लगाया गले ?

अमेठी, 24 अप्रैल: यूपी के अमेठी में महिला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रश्मि यादव ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बीते शुक्रवार को सरकारी आवास पर रश्मि यादव का शव फंदे से लटका मिला था। मौके पर अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों का कहना है कि रश्मि आत्महत्या नहीं कर सकती। आरोप लगाया कि रश्मि की हत्या की गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर साफ तौर पर कुछ कहा जा सकता है। परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की बात भी कही जा रही है।

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    कौन थीं रश्मि यादव ?

    कौन थीं रश्मि यादव ?

    लखनऊ जिले के गोसाईगंज थानाक्षेत्र के मलौली गांव निवासी मुन्ना लाल यादव की बेटी रश्मि यादव की नियुक्ति 2017 बैच में बतौर उपनिरीक्षक हुई थी। ट्रेनिंग के बाद साल 2018 में रश्मि यादव की तैनाती अमेठी जिले में हुई थी। मार्च 2021 में रश्मि का ट्रांसफर मोहनगंज हुआ था। ट्रांसफर के बाद रश्मि यादव को महिला रिपोर्टिंग चौकी का प्रभारी के साथ महिला चौकी की भी जिम्मेदारी दी गई थी।

    क्यों लगाया मौत को गले ?

    क्यों लगाया मौत को गले ?

    रश्मि यादव 22 अप्रैल को सीओ कार्यालय में अफसरों के साथ वाररूम की तैयारी में जुटी थीं। इसके बाद करीब 2 बजे वह अपने सरकारी आवास पर चली गईं। करीब 4 बजे मोहनगंज थाने का सब इंस्पेक्टर रश्मि यादव को एएसपी विनोद कुमार पांडेय का निरीक्षण होने की जानकारी देने के लिए उनके आवास पर पहुंचा। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब रूम का दरवाजा नहीं खुला तो एसआई ने रश्मि के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन भी रिसीव नहीं हुआ। सब इंस्पेक्टर पूरे मामले की जानकारी प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह को दी। प्रभारी निरीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर कमरे में घुस गए, जहां रश्मि यादव फंदे से लटक रही थीं। आनन-फानन में रश्मि को नीचे उतार कर सीएचसी पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

    मोहनगंज थाने से ट्रांफसर को लेकर खुश थीं रश्मि यादव, फिर क्या हुआ ?

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    रश्मि यादव काफी मिलनसार थीं और अपनी तेजतर्रार कार्यशैली के लिए मशहूर भी थीं। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती, उसकी हत्या की गई। पिता मुन्ना लाल यादव ने बताया कि तीन दिन पहले वह छुट्टी लेकर घर आई थी। वह थाने के काम से कुछ परेशान थी और उसने कहा था कि उसका ट्रांसफर हो जाए तो अच्छा होगा। इस बीच गुरुवार को रश्मि ने फोन पर मोहनगंज से पुलिस कार्यालय के वन स्टॉप सेंटर सेल में ट्रांसफर होने की बात कहते हुए खुशी भी जाहिर की थी। मोहनगंज थाने में साथ काम करने वाले लोगों को भी रश्मि के आत्महत्या करने की बात समझ गले नहीं उतर रही है।

    एसपी ने कहा - काबिल दरोगा थीं रश्मि यादव, जांच जारी है

    एसपी ने कहा - काबिल दरोगा थीं रश्मि यादव, जांच जारी है

    इस मामले में अमेठी के एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि उपनिरीक्षक रश्मि यादव काफी मिलनसार और काबिल दरोगा थी। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सभी तथ्यों की जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा। एसपी ने कहा कि यदि परिजन कोई तहरीर देते हैं तो केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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