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गैलेंट्री अवार्ड लेते हुए शहीद हेमराज जाट की मां आर्मी अफसरों से बोलीं-'दूसरे बेटे बंशी को भी बना दो फौजी'

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अलवर। राजस्थान के फौजी ही दिलेर नहीं होते बल्कि उनके परिजनों में भी देशभक्ति का गजब का जज्बा है। इसकी एक बानगी गैलेंट्री अवार्ड समारोह में उस वक्त देखने को मिली जब​ 25 साल की शहीद की मां ने लेफिनेन्ट जनरल को सैल्यूट कर अपने दूसरे बेटे को भी भारतीय सेना में भेजने की इच्छा जताई।

हेमराज अजमेर के रूपनगढ़ क्षेत्र के गांव भदूण के रहने वाले थे

हेमराज अजमेर के रूपनगढ़ क्षेत्र के गांव भदूण के रहने वाले थे

बता दें कि भारतीय सेना के ग्रिनेडियर हेमराज निठारवाल एक सितंबर 2019 को एलओसी पर दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देते हुए शहीद हो गए थे। हेमराज अजमेर के रूपनगढ़ क्षेत्र के गांव भदूण के रहने वाले थे। 23 साल की उम्र में वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

    Rajasthan: शहीद बेटे Hemraj Jat की मां ने ऐसा क्या कहा, जिससे भर आई सबकी आंखें? | वनइंडिया हिंदी
    70 वर्षीय मां ढाका देवी समारोह में पहुंची थीं

    70 वर्षीय मां ढाका देवी समारोह में पहुंची थीं

    शुक्रवार को अलवर में भारतीय सेना के दक्षिण पश्चिम कमान का अलंकरण समारोह हुआ, जिसमें हेमराज जाट को गैलेंट्री अवार्ड दिया गया। अवार्ड पाने के लिए उनकी 70 वर्षीय मां ढाका देवी समारोह में पहुंची थीं।

    'मेरे दूसरे बेटे का नाम बंशी है...'

    'मेरे दूसरे बेटे का नाम बंशी है...'

    शहीद हेमराज जाट की मां अवार्ड लेने के लिए मंच पर पहुंची तो उन्होंने अफसरों से कहा कि मेरे दूसरे बेटे का नाम बंशी है। उसे भी फौज में भर्ती कर लो। ताकि मेरा बुढ़ापा सुधर जाए। दूसरे बेटे को भी फौज में भेजने को तैयार मां की यह बात सुनकर सेना के अफसरों की भी आंखें नम हो गईं।

    ढाका देवी को दो बार सैल्यूट किया

    ढाका देवी को दो बार सैल्यूट किया

    इस दौरान दक्षिण पश्चिम कमान के ले.जनरल आलोक क्लेर ने मंच पर ही ढाका देवी को दो बार सैल्यूट किया और बोले ​कि आपको बार-बार सैल्यूट करने को जी चाहता है। गैलेंट्री अवार्ड समारोह की यह तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल भी हो रही है।

    शहीद हेमराज जाट की जीवनी

    शहीद हेमराज जाट की जीवनी

    बता दें कि हेमराज जाट का जन्म 5 जुलाई 1996 को हुआ था। वे 2017 में सेना में शामिल हुए थे। 2019 को पुंछ सेक्टर के शाहपुर-केरनी क्षेत्र में सीमा पार से हुई गोलीबारी में अग्रिम चौकी पर तैनात हेमराज शहीद हो गए थे।

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    English summary
    Shaheed Hemraj Jat mother to officer I want to join Indian Army to my second son
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