लालापुर पुलिस टीम पर लाठी-डंडे से हमला, झूठी सूचना पर गांव में पहुंची थी
प्रयागराज। लालापुर गांव में बाहर से कुछ लोगों के आकर छिपे होने की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर एक परिवार के छह लोगों ने हमला कर दिया। हमले में पुलिसकर्मियों घायल भी हुए है। घटना के बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 3 महिलाएं हैं।

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, घटना प्रयागराज जिले के लालापुर थाना क्षेत्र के बेला मुंडी गांव की है। पुलिस को खबर मिली कि बेला मुंडी गांव में कुछ लोग बाहर से आकर छुपे हुए हैं। शासन से जारी निर्देश के तहत ऐसे लोगों की कोरोना वायरस की जांच करानी जरूरी थी इसलिए पुलिस गांव में उस घर पर पहुंची जहां बाहर से लोगों के आने की सूचना थी। मगर वहां पता चला कि ऐसी कोई बात ही नहीं है। कोई कहीं से आया ही नहीं।
पुलिस ने जब सूचना देने वाले शख्स को बुलाया तो वह नहीं आया। पुलिस उस शख्स के घर पहुंची तो उसके परिवार के लोगों ने पुलिस पर एकाएक हमला कर दिया। पुलिसवालों से मारपीट की। आरोप है कि सिपाहियों पर घातक हमला किया गया था। पुलिस को वहां से हटना पड़ा। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। थानाध्यक्ष लालापुर संतोष कुमार सिंह ने बताया की मामले में 11 धाराओं में मुकदमा दर्ज कर राम भवन, अमित, किशन, प्रभा देवी, प्रमिला, बबिता को गिरफ़्तार कर लिया गया है। वहीं, कई पुरुष फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
एंबुलेंस में की तोड़फोड़, कर्मचारियों से अभद्रता
वहीं, धूमनगंज के कालिंदीपुरम में कोरोना संदिग्धों को क्वारंटाइन कराने पहुंची 108 एंबुलेंस की टीम से गालीगलौज की गई। साथ ही पत्थर मारकर एंबुलेंस का शीशा भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सूचना पर धूमनगंज पुलिस भी पहुंच गई। भुक्तभोगियों ने लिखित शिकायत भी की, लेकिन बाद में समझौता हो गया। घटना शुक्रवार रात 12:30 बजे की की है। बता दें कि कोरोना संदिग्धों को रखने के लिए धूमनगंज में कालिंदीपुरम स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी गोकुल सेक्टर को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है।












Click it and Unblock the Notifications