मोदी की कानपुर रैली पर लगा सकता है ग्रहण, हाईकोर्ट में सुनवाई

मोदी की ये रैली खटाई में पड़ सकती है। 19 अक्टूबर को मोदी की कानपुर में रैली होनी है, लेकिन यूपी सरकार ने भाजपा को मोदी की रैली के लिए जो जगह मुहैया कराई है वो जगह दलित किसानों की है। जो राज्य सरकार ने 1962 में राज्य के 127 किसानों को आवंटित की थी। ये खेतीहर जमीन इन्हीं किसानों की है, लेकिन कानपुर जिला प्रशासन ने बिना इन किसानों की अनुमति के ये जमीन भाजपा को मौदी की रैली के लिए दे दी है। ऐसे में किसानों ने कानपुर जिलाधिकारी और मंडालायुक्त को अपना आवेदन देकर विरोध दर्ज करवाया है।
किसानों के आवेदन के बावजूद भी प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी। जिसके बाद आक्रोशित किसानों ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की और अपनी याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि रैली की अनुमति देने से किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हो जाएंगी और उनको काफी नुकसान होगा। आज इस मसले पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। अगर आज कोर्ट में सुनवाई होती है और न्यायाधीश किसानों के पक्ष में फैसला करते है तो मोदी की ये रैली कटाई में पड़ सकती है। ऐसे में सबकी नजर इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले पर है।












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