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चिन्मयानंद केस: वकील ने कहा- चिन्मयानंद को है स्किन की बीमारी, इस वजह से कराते थे तेल-मालिश

शाहजहांपुर। यौन शोषण के आरोप में फंसे पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद फिलहाल जेल में ही रहेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी सुनवाई आठ नवंबर तक के लिए टाल दी है। इससे पहले शिकायतकर्ता छात्रा भी रंगदारी मामले में जमानत अर्जी दाखिल कर चुकी है, जिस पर हाई कोर्ट में 6 नवंबर को सुनवाई होनी है। अदालत से कोई फौरी राहत नहीं मिलने की वजह से चिन्मयानंद और छात्रा को अब अगली सुनवाई तक जेल में ही रहना होगा।

क्या कहा वकील ने

क्या कहा वकील ने

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट में 30 अक्टूबर को स्वामी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने उन्हें निर्दोष बताते हुए पीड़ित छात्रा व उसके दोस्तों पर साजिश रचकर फंसाने का आरोप लगाया। उनके वकील ने कोर्ट में तेल मालिश के वायरल वीडियो को लेकर भी दलील पेश की। वकील ने कोर्ट को बताया कि स्वामी चिन्मयानंद को स्किन की बीमारी है, जिसके लिए उन्हें तेल की मसाज करानी पड़ती है। वायरल वीडियो में भी वह स्किन की बीमारी को ठीक कराने के लिए छात्रा से मालिश करा रहे थे। छात्रा से उन्होंने इसलिए मालिश कराई थी क्योंकि उसका परिवार काफी दिनों से उनके आश्रम में आता था।

डॉक्टर्स के पर्चे भी अदालत में सबूत के तौर पर पेश

डॉक्टर्स के पर्चे भी अदालत में सबूत के तौर पर पेश

वकीलों ने मसाज को ज़रूरी बताने के लिए डॉक्टर्स के पर्चे भी अदालत में सबूत के तौर पर पेश किए। छात्रा की तरफ से चिन्मयानंद की इस दलील का विरोध किया गया और कहा गया कि अगर डाक्टर ने मालिश ज़रूरी किया था तो पूरे कपड़े उतारने और पोती की उम्र की लड़की को ही क्यों चुना गया था। यह काम आश्रम के किसी नौकर व सेवादार से भी कराया जा सकता था। चिन्मयानंद के वकील इसका कोई जवाब नहीं दे सके।

8 नवंबर का दिया समय

8 नवंबर का दिया समय

इस मामले में चिन्मयानंद और छात्रा दोनों की ही दलीलें आज पूरी नहीं हो सकीं। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए आठ नवम्बर की तारीख तय की है। बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका इससे पहले भी खारिज हो चुकी है। स्वामी चिन्मयानंद 20 सितंबर से न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की सिंगल बेंच में हुई।

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