सांसद Chandra Shekhar Azad को कौशांबी जाने से पहले प्रयागराज में रोका गया, समर्थकों संग कर रहे विरोध प्रदर्शन
Chandra Shekhar Azad News: कौशांबी जिले में नाबालिग बच्ची के साथ कथित ज्यादती के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में घमासान मचा हुआ है। रविवार को भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़िता के परिजनों से मिलने प्रयागराज पहुंचे, लेकिन उन्हें कौशांबी जाने नहीं दिया गया।
चंद्रशेखर आजाद प्रयागराज एयरपोर्ट से सीधे कौशांबी रवाना होना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें सर्किट हाउस भेज दिया। इसके विरोध में सांसद ने अपने समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया और ज़मीन पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।

प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने प्रशासनिक कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें पीड़िता से मिलने से रोक रही है, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन को दो विकल्प दिए, या तो उन्हें पीड़िता के घर जाने दिया जाए, या फिर परिवार को सर्किट हाउस लाया जाए।
भारी सुरक्षा, सख्त प्रशासनिक रवैया
प्रशासन ने चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी को देखते हुए सर्किट हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। मौके पर मौजूद अधिकारी प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सांसद अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि वे बिना मिले वापस नहीं जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब एक सांसद को भी पीड़िता से मिलने से रोका जा रहा है, तो आम आदमी की उम्मीद कहां बचेगी। समर्थकों ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया और कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है।
आजाद समाज पार्टी का तीखा हमला
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने इस घटनाक्रम को लेकर अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "हम तब तक प्रयागराज नहीं छोड़ेंगे जब तक पीड़िता के परिवार से मुलाकात नहीं होती। हम परिवार का दुःख सुनना और साझा करना चाहते हैं।"
पोस्ट में प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया गया और कहा गया कि अगर उन्हें मिलने नहीं दिया गया, तो यह साफ है कि सरकार सच छिपाना चाहती है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कोई समझौता नहीं करेंगे और न्याय की आवाज उठाते रहेंगे।
पार्टी के बयान में कहा गया कि जो भी अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है, उसे चुप कराने की कोशिश की जाती है। लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। हर गली, हर गांव, हर शहर में संविधान और न्याय का संदेश लेकर पहुंचेंगे और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।
आजाद समाज पार्टी ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद की गिरफ्तारी या रोक से उनके कदम नहीं रुकेंगे। वे संविधान की रक्षा के लिए पूरी ताकत से खड़े हैं। पार्टी का दावा है कि जिस दिन आम लोग अपनी ताकत पहचान लेंगे, उस दिन अन्याय की ताकतें खत्म हो जाएंगी।












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