Rajasthan Paper Leak: RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ऑफिस से घर लाया था पेपर, हाथ से लिखकर 60 लाख में बेचा
Who is Babulal Katara RPSC Member: द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करवाने के आरोप में एसओजी ने आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा, उसका भांजा विजय डामोर व आरपीएससी चालक गोपाल को ही अरेस्ट किया है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्य बाबूलाल कटारा ने वरिष्ठ अध्यापका परीक्षा पेपर लीक किया है। कटारा कार्यालय से पेपर अपने घर ले आया था और फिर हाथ से लिखकर शेरसिंह मीणा को साठ लाख रुपए में बेच दिया था। फिर पेपर बिकता गया और अभ्यर्थियों के हाथों तक पहुंच गया।
प्रेस वार्ता में एसओजी एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा को छह पेपर सेट कर फाइनल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परीक्षा से तीन हफ्ते पहले प्रश्प पत्र फाइनल होते ही कटारा इन्हें घर ले आया था।

सरकारी टीचर शेरसिंह मीणा को पता था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा सेट कर रहा था। इसलिए वह आरपीएससी के चालक गोपाल सिंह के जरिए बाबूलाल कटारा के सम्पर्क में था।
बाबूलाल कटारा अपने भांजे विजय डामोर के सारे काम करवाता था। उसने विजय की जान पहचान शेरसिंह मीणा से भी करवाई। शेरसिंह को बाबूलाल कटारा ने हाथ से लिखा हुआ प्रश्न पत्र 60 लाख रुपए में बेचा। बेरोजगार विजय ने पेपर के बदले शेरसिंह मीणा से सोने का कड़ा भी लिया।
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अजमेर में बाबूलाल कटारा पेपर खरीदकर शेरसिंह मीणा जयपुर के शास्त्री नगर लाया और उसको टाइप करवाने के बाद भूपेंद्र सारण का 80 लाख रुपए में बेच दिया। भूपेंद्र ने सुरेश ढाका व उसके साल सुरेश बिश्नोई के जरिए पांच-पांच लाख रुपए में पेपर अभ्यर्थियों को बेच दिया।
एसओजी एडीजी अशोक राठौड़ के अनुसार पेपर लीक प्रकरण 2022 में पांच से दस और लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। बाबूलाल कटारा के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है। चालक गोपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया। कटारा के खिलाफ सरकार और राज्यपाल विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करेंगे।












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