Paper Leak Rajasthan: RPSC सदस्य कटारा ने अभ्यर्थियों तक यूं पहुंचाया पेपर, जानें मामा-भांजे का पूरा प्लान
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) से वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा का सामान्य ज्ञान का पेपर लीक होने की पहेली एसओजी ने सुलझा ली है।

राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में सामान्य ज्ञान का पेपर लीक होने के मामले में अजमेर स्थित राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय डामोर, चालक गोपाल सिंह को पेपर लीक के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
पेपर लीक में पहली बार RPSC सदस्य पकड़ा गया
आरपीएससी के 74 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब आयोग का ही कोई सदस्य पेपर लीक करवाने के आरोप में पकड़ा गया है। अब एसओजी इस बात की भी जांच कर रही है कि आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के पास पेपर कैसे पहुंचा? पेपर लीक प्रकरण में आरपीएससी के अन्य सटाफ की क्या भूमिका है?
बाबूलाल कटारा को बंगले से पकड़ा
टीचर भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक की जांच में जुटी एसओजी ने शेरसिंह मीणा से पूछताछ के बाद अजमेर में सिविल लाइंस स्थित बंगले से आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा, आयोग के वाहन चालक गोपाल को उसके घर से और डूंगरपुर से कटारा के भांजे विजय कटारा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद तीनों को अरेस्ट कर लिया गया।

ये आरोपी हुए अरेस्ट, सुरेश ढाका की तलाश जारी
द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के सामान्य ज्ञान का पेपर लीक मामले में रामावि भावरी का उप प्रधानाचार्य अनिल मीणा उर्फ शेरसिंह मीणा, सरकारी स्कूल में हेडमास्टर सुरेश बिश्नोई और भूपेंद्र सारण पूर्व में ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सुरेश बिश्नोई का जीजा जयपुर में कोचिंग संचालक सुरेश ढाका फरार चल रहा है। भूपेंद्र सारण सुरेश ढाका का कोचिंग पार्टनर है।
चलती बस में सॉल्व करवा रहे थे पेपर
दिसम्बर 2022 में राजस्थान द्वितीय श्रेणी अध्यापक परीक्षा का सामान्य ज्ञान पेपर हुआ तब 45 अभ्यर्थियों को चलती बस में पेपर सॉल्व करवाया जा रहा था।
बस सिरोही से उदयपुर सेंटर के लिए जा रही थी। रात को बस में सवार जोधपुर के थेलिया गांव में सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल सुरेश बिश्नोई के पास मोबाइल पर पेपर आया था।
45 अभ्यर्थियों से भरी चलती बस में ही पेपर सॉल्व करवाया जा रहा था। उदयपुर के बेकरिया पुलिस थाने के पास नाकाबंदी में बस जब्त की गई थी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
रात को ही आरोपियों को उदयपुर लाया गया। आठ घंटे तक पूछताछ की गई। फिर दूसरे दिन सुबह नौ बजे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर प्रश्न मिलाए गए 80 फीसदी प्रश्न मिल गए। बाद में आरपीएससी ने यह पेपर निरस्त भी कर दिया था।

ऐसे लीक हुआ था वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर
आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा ने पेपर लीक करके शेर सिंह मीणा तक पहुंचाया। शेरसिंह मीणा ने पेपर एक करोड़ रुपए में जयपुर में गुर्जर की थड़ी स्थित अधिगम कोचिंग के भूपेंद्र सारण को पेपर बेचा। फिर पेपर कोचिंग संचालक सुरेश ढाका के हाथ लगा। सुरेश ढाका ने अपने साले सुरेश बिश्नोई को पेपर पहुंचाया। फिर यह पेपर अभ्यर्थियों को पांच से आठ लाख रुपए लेकर बेचा गया। अभ्यर्थी पेपर में यही पेपर सॉल्व करते पकड़े गए थे।












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