Ajmer : कोरोना से 9 दिन में पति व सास की मौत, जिद पर अड़ी पत्नी ने डेढ़ साल की बेटी के सिर बंधवाई पगड़ी
अजमेर, 25 मई। कोरोना महामारी के चलते कई परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। ऐसे ही कहानी अजमेर के गुलाबबाड़ी में रहने वाली अनीशा सिंह की हैं। अनीशा ने महज 9 दिन में सास और पति को खो दिया। फिर तेरहवीं की रस्म पर समाज व रिश्तेदारों से लड़-झगड़कर अपनी डेढ़ साल की बेटी के सिर पर पगड़ी बंधवाई।
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2018 में हुई शादी
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में अनीशा बताती हैं कि उनके पति गजेंद्र सिंह भाटी मेयो कॉलेज में मैस इंचार्ज थे। वर्ष 2018 में गजेंद्र व अनीशा की शादी हुई थी। इनके डेढ़ साल की बेटी नेवेध्या है। मई 2021 की शुरुआत तक इस परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन पति गजेंद्र सिंह कोरोना संक्रमित हो गए। इसके बाद अनीशा की सास संतोष कंवर भी कोरोना की चपेट में आ गईं।

4 को पति, 13 को सास की मौत
बाद में सास संतोष कंवर की तबीयत बिगड़ी और 4 मई को मृत्यु हो गई। सास के बारह दिन भी नहीं हुए कि 13 मई को पति गजेंद्र भी साथ छोड़ गए। अनीशा बताती हैं कि इसके बाद उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू किया और उनकी रजामंदी के बिना ही सभी रस्में करने लगे।

रिश्तेदार के बेटे का किया विरोध
जब अनीशा ने तेरहवीं की रस्म पर किसी रिश्तेदार के बेटे के पगड़ी बंधवाने की बात उसने सुनी तो इसका विरोध किया। जिसके बाद उसे चुप करवा दिया और खाने पीने तक के लिए भी नहीं पूछा गया।

पुलिस को शिकायत की
इस पर अनीशा ने अजमेर के अलवर गेट पुलिस थाने में शिकायत कर दी। सूचना पर थानाधिकारी सुनीता गुर्जर उनके घर आईं और सबको फटकार लगाते हुए वहां से रवाना किया साथ ही पंडित पुरोहित से पगड़ी की रस्म करवाई जिसमें डेढ़ साल की बेटी नेवेध्या को पिता की पगड़ी पहनाई गई।

बेटी ही बची है सहारा
अनीशा कहती हैं कि अब ससुराल पक्ष के लोगों से कोई उम्मीद भी नहीं बची है। उसके पीहर पक्ष के लोग उसका साथ दे रहे हैं। वह कंपीटिशन एग्जाम की तैयारी कर नौकरी लगना चाहती हैं और अपनी बेटी के साथ जीवन बिताएंगी। अनीशा का बेटी को पिता की पगड़ी बंधवाना उन लोगों के लिए संदेश है जो आज भी बेटा और बेटी में फर्क महसूस करते हैं।












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