रेल और रोड नहीं, अब सी-प्लेन से पहुंचेंगे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, देश में पहली बार हो रहा ऐसा
gujarat news (गांधीनगर/अहमदाबाद। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' तक पहुंचने के लिए सी-प्लेन की व्यवस्था भी होने जा रही है। अभी यहां रेलवे और रोड के माध्यम से ही पहुंचा जा सकता था, मगर पहली बार देश में ऐसा होगा जब किसी टूरिस्ट प्लेस को सी-प्लेन से जोड़ा जा रहा है।

मोदी लाए थे यहां सबसे पहले सी-प्लेन
बता दें कि गुजरात के केवडिया में स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा को 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के नाम से जाना जाता है। 2017 में गुजरात विधानसभा के चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबरमती नदी से सीप्लेन में सवार होकर मेहसाणा जिले के धरोई बांध के लिए उड़ान भरी थी और उन्होंने प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। तब मोदी ने 100 किलोमीटर का सफर सी-प्लेन में किया था। अंबाजी के दर्शन के बाद में वह सी-प्लेन से ही वापस अहमदाबाद आए थे।
इसी पर कोशिश करते हुए गुजरात सरकार ने तय किया कि सी-प्लेन से ही 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' भी लोगों को ले जाया जाएगा। इसके लिए सरदार सरोवर नर्मदा बांध में ये सी-प्लेन उतरेगा। ये सुविधा बहुत जल्द ही शुरू हो जायेगी। ऐसा गुजरात टूरिज्म डिपार्टमेन्ट के सीनियर अफसर का मानना है। साथ ही इस प्रयोग में केंद्र सरकार भी सहयोग कर रही है।

यह भी है योजना
राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एस.जे. हैदर के अनुसार, राज्य में अन्य चार स्थानों पर पानी में एयरोड्रोम बनाने की योजना है। यह योजना विभिन्न स्थानों की कनेक्टिविटी और पर्यटन को प्रोत्साहित करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट
गुजरात में सी-प्लेन उड़ाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसकी संभावना को सूरत में तापी नदी में देखा गया था। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी में पर्यटकों की बढती संख्या को देखते हुए राजपीपला को हाल ही में रनवे और हवाई अड्डों के लिए घोषित किया गया था। अब सरदार सरोवर बांध को सी-प्लेन कनेक्टिविटी के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।

सी-प्लेन की योजना के लिये वडोदरा हवाई अड्डे के निदेशक को सरदार सरोवर पर एक प्रि-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के अनुसार राज्य में चार स्थानों की पहचान की गई है। जिसमें केव़डिया के इलावा साबरमती नदी, धरोई बांध और शेत्रुजी बांध में खुले पानी में एरोड्रोम बनाने की योजना है। अहमदाबाद और भावनगर के हवाई अड्डे के निदेशक को इस बारे में जिम्मेदारी सौंपी गई है।












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