जानिए, कौन हैं रूपाली दीक्षित, फतेहाबाद सीट से राजेश शर्मा का टिकट काटकर जिन्हें सपा ने बनाया प्रत्याशी

आगरा, 20 जनवरी: टिकट वितरण के बाद राजनीतिक पार्टियों में अभी कुछ सीटों पर अभी उठापटक का दौर जारी है। इसी क्रम में बीएसपी ने एत्मादपुर से सर्वेश बघेल का टिकट काटकर राकेश बघेल को प्रत्याशी बनाया है। तो वहीं, समाजवादी पार्टी ने फतेहाबाद सीट पर अपने घोषित प्रत्याशी राजेश शर्मा का बदल दिया है। इस सीट से सपा ने रूपाली दीक्षित को चुनाव मैदान में उतारा है। ऐसा बताया जा रहा है कि कमजोर ब्राह्मण प्रत्याशी होने का फीडबैक मिलने के बाद नामांकन प्रक्रिया खत्म होने से दो दिन पहले सपा ने अपना प्रत्याशी बदला है।

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    UP election 2022: Samajwadi Party ने Agra की Fatehabad Seat पर बदला प्रत्याशी | वनइंडिया हिंदी
    कौन हैं रूपाली दीक्षित

    कौन हैं रूपाली दीक्षित

    रूपाली दीक्षित, बाहुबली अशोक दीक्षित की पुत्री हैं। 34 वर्षीय रूपाली ने यूके (इंग्लैंड) से एमबीए किया है। अशोक दीक्षित पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वो वर्तमान में बरेली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। तो वहीं, अब रूपाली दीक्षित आगरा जिले की फतेहाबाद सीट से विधानभा चुनाव लड़ेंगी। रूपाली दीक्षित को चुनावी मैदान में उतार कर सपा ने ब्राह्मण कार्ड खेला है। जिले में सपा-रालोद गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ रहा है। जिलाध्यक्ष मधुसूदन शर्मा ने रूपाली के नाम पर मुहर लगने की पुष्टि करते हुए बताया कि पार्टी हाईकमान के निर्णय का सम्मान होगा।

    सपा ने लगाया रूपाली पर दाव

    सपा ने लगाया रूपाली पर दाव

    2007 में अशोक दीक्षित ने फतेहाबाद से निदर्लीय चुनाव लड़ा था। तब वह दूसरे नंबर पर रहे थे। अब उनकी बेटी रूपाली दीक्षित पर सपा ने दांव लगाया है। ऐसे में फतेहाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी छोटे लाल वर्मा और रूपाली के बीच टक्कर बताई जा रही है। पिछले दिनों छोटे लाल ने अशोक दीक्षित के खिलाफ विवादित बयान दिया था। तब मामला चर्चाओं में आया था।

    50 अधिक मुकदमे दर्ज हैं अशोक दीक्षित पर

    50 अधिक मुकदमे दर्ज हैं अशोक दीक्षित पर

    अशोक दीक्षित फिलहाल बरेली केंद्रीय जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वर्ष 2007 में फिरोजाबाद के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव के भाई सुमन यादव की बीच चौराहे पर गोली मारकर हत्या के मामले में 2015 में न्यायालय ने अशोक दीक्षित को सजा सनाई थी। अशोक दीक्षित पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    कमजोर प्रत्याशी होने का फीडबैक मिलने हुआ बदला

    कमजोर प्रत्याशी होने का फीडबैक मिलने हुआ बदला

    आपको बता दें, रूपाली फतेहाबाद से दावेदारी कर रही थीं, परंतु उनकी जगह 17 जनवरी को राजेश शर्मा का नाम फाइनल हुआ था। राजेश शर्मा को टिकट देने के बाद इस सीट पर सपा को कमजोर होने का फीडबैक दिया गया। इसके बाद फिर से पार्टी ने सीट पर मजबूत प्रत्याशी की तलाश शुरू की। अशोक दीक्षित की बेटी रूपाली दीक्षित भी इस सीट के लिए दावेदारी कर रही थीं। ऐसे में पार्टी की ओर से राजेश शर्मा की जगह पर रूपाली के नाम पर मोहर लगा दी गई।

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