विदेशी छात्र देसी अंदाज: Agra पहुंचे 13 देशों के 31 छात्रों ने जब गाए बॉलीवुड के गाने, नहीं रुकी तालियां
आगरा पहुंचे विदेशी छात्रों ने बॉलीवुड के गानों पर अपने सुर छेड़े तो हर कोई उन्हें देखता रह गया। इन विदेशी छात्रों में किसी को अरिजीत सिंह पसंद है तो किसी को बैजयन्ती माला। कोई अमिताभ बच्चन का फैन है तो कोई शाहरुख़ खान का।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आइसीसीआर) द्वारा आयोजित पहली हिंदी विश्व यात्रा में शामिल होने के लिए 13 देशों के 31 युवा प्रतिनिधियों का एक समूह भारत के दौरे पर है। इस कार्यक्रम के तहत ये सभी 31 हिन्दी के विद्यार्थी आगरा भ्रमण के लिए पहुंचे। इस यात्रा के जरिये हिन्दी के माध्यम से विदेशों में रह रहे अधिक से अधिक लोगों को भारत से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। इनमे आस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, इटली, जापान, पोलेण्ड, मोरिशियस, कजाकिस्तान, कोरिया, तन्जानिया, फिजी, श्रीलंका, रशिया, तजाकिस्तान के छात्र शामिल हैं।

विदेशी छात्रों का तिलक लगाकर स्वागत
बता दें कि फतेहाबाद रोड स्थित होटल में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सभी विद्यार्थियों का स्वागत माथे पर तिलक व गले में माला और श्रीकृष्ण व राधा नाम का पटका पहनाकर किया। सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विधायक योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि आप सभी भारत से ऐसी यादें लेकर जाएंगे जो आपको पूरी जिन्दगी एक अच्छे अनुभव के रूप में याद रहेंगी। कुछ हम आपसे सीखेंगे कुछ आप हमें सिखा कर जाएंगे।

तन्जानिया के फधिली ऐली ने गाया: "तेरी मिट्टी में मिल जांवा"
वहीं इस कार्यक्रम में कुछ विदेशी छात्रों ने बॉलीवुड के गाने गए तो कुछ ने हिंदी में अपने द्वारा लिखी गई कविता सुनाई। रूस की माशा के गले में स्टोन के पेन्डेंट पर उकरा भारत का नक्शा और तन्जानिया के फधिली ऐली के स्वरों में गूंजता तेरी मिट्टी में मिल जांवा, गुल बन के मैं खिल जावां' गीत, भारत के प्रति उनके लगाव को दर्शा रहा था।
उधर आगरा में विदेशी छात्रों के आगमन पर कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ अतिथि देवो भव की परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है।

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'भारत हमारा सबसे अच्छा और सच्चा मित्र'
गले में भारत के नक्शे के पैंडेंट पहने रुस की माशा ने बताया कि यह पैंडेंट मुझे हमेशा इस खूबसूरत यात्रा के बारे में याद दिलाता रहेगा। कहा कि भारत हमारा सबसे अच्छा और सच्चा मित्र देश है। रशिया में बहुत भारतीय हैं। मैं हिन्दी सीख रही हूं, जिससे मैं अपनी भरतीय दोस्तों से बातचीत कर सकूं। श्रीलंका की हिमाली संजीवनी की पसंदीदा हिरोइन बैजयन्ती माला हैं। उन्होंने उनकी मधुमती और संगम जैसी कई पुरानी फिल्में देखी हैं, जो हिन्दी सीखने में भी मदद करती हैं। सभी को भारतीय संस्कृति, कला, खाना और यहां के लोगों को अपनी पंसद बताया।












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