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आगरा: 5 साल की मासूम की बीमारी और भूख से मौत, NHRC ने योगी सरकार का भेजा नोटिस

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में 5 साल की मासूम ने भूख से दम तोड़ दिया। सात दिन से परिवार के पास अन्न का एक दाना भी नहीं था। हालांकि, प्रशासन बच्ची की मौत की वजह डायरिया और बीमारी बता रहा है। सूचना मिलने पर प्रशासन ने पीड़ित परिवार के घर राशन पहुंचाया। उधर, इस मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने यूपी के मुख्य सचिव को भेजे नोटिस में चार हफ्ते में प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार के पुनर्वास और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के मामले में रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने ये भी कहा कि मुख्य सचिव से उम्मीद की जाती है कि वह सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करेंगे ताकि भविष्य में इस तरह की क्रूर और लापरवाही की घटना दोबारा नहीं हो।

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    एक सप्ताह से घर में नहीं था अन्न का एक दाना

    एक सप्ताह से घर में नहीं था अन्न का एक दाना

    मामला आगरा के नगला विधिचंद बरौली अहीर ब्लॉक का है। यहां रहने वाली शीला देवी अपने परिवार के साथ रहती हैं। उनकी दो बेटी और एक बेटा है। पति पप्पू को सांस की बीमारी है। शीला खुद मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट पालती थीं, लेकिन लॉकडाउन में काम बंद हो गया। शीला देवी ने बताया कि लॉकडाउन में उन्हें एक महीने तक काम नहीं मिला। 15 दिन पड़ोसी ने मदद की, लेकिन फिर उनके पास खाने को कुछ नहीं रहा। एक सप्ताह से उनके पास खाने को अन्न का एक दाना भी नहीं था।

    भूख और इलाज के अभाव में बच्ची ने तोड़ा दम

    भूख और इलाज के अभाव में बच्ची ने तोड़ा दम

    इस बीच पांच साल की बेटी सोनिया बीमार हो गई। घर में खाने को खाना नहीं था और इलाज के लिए पैसे भी नहीं थे। बेटी की तबीयत बिगड़ती गई। इलाज के अभाव और भूख की वजह से सोनिया की मौत हो गई। बता दें, बीते शुक्रवार को सोनिया ने दम तोड़ दिया था। शीला देवी ने बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, इस वजह से वह राशन नहीं ला पाईं। 7000 रुपए बिल ना चुका पाने की वजह से उनके घर की बिजली भी काट दी गई। ​शीला देवी ने बताया कि चार साल पहले नोटबंदी के दौरान उसके आठ साल के बेटे की भूख और बीमारी से मौत हो गई थी।

    प्रशासन ने कहा- भूख से नहीं, डायरिया से हुई बच्ची की मौत

    प्रशासन ने कहा- भूख से नहीं, डायरिया से हुई बच्ची की मौत

    डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि उन्होंने तहसीलदार सदर प्रेमपाल सिंह को बच्ची की मौत की जांच करने के लिए प्रतिनियुक्त किया था। प्रेमपाल सिंह ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि लड़की की मौत भूख से नहीं हुई, बल्कि डायरिया से हुई है। हालांकि, मृत लड़की के परिवार को अन्य वस्तुओं में 50 किलोग्राम आटा, 40 किलोग्राम चावल दिया गया है। परिवार को राशन कार्ड भी दिया जाएगा। लड़की के पिता ने कहा है कि उनकी बेटी को शुक्रवार दोपहर दूध पिलाया गया था, जिसके बाद उसे दस्त हो गए। उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे। जब उनकी पत्नी काम से घर लौटी, तब तक उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी। मृतक लड़की भी एनीमिया से पीड़ित थी।

    क्या कहते हैं डीएम

    क्या कहते हैं डीएम

    डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य टीमों ने गांव के सभी निवासियों से मुलाकात की है और उन्हें मल्टी-विटामिन और कैल्शियम की गोलियां प्रदान की गई हैं। टोरेंट पावर को शीला देवी के घर में बिजली कनेक्शन बहाल करने के लिए कहा गया है और लंबित भुगतान को सीएसआर के माध्यम से व्यवस्थित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों को यह जांचने के लिए कहा गया है कि क्या परिवार सरकार द्वारा शुरू की गई किसी भी गरीब-विरोधी योजनाओं के लिए पात्र है, यदि ऐसा है, तो उसे योजना के लाभार्थी के रूप में क्यों शामिल नहीं किया गया।

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