नीतीश के मंत्री का शर्मनाक बयान, कहा सेना में मरने ही तो आते हैं जवान
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। देश की रक्षा करते हुए लाइन आफ कंट्रोल (LOC) पर शहीद हुए भारतीय जवानों का शव जब बिहार की राजधानी पटना के एयरपोर्ट पर पहुंचा तो नीतीश कुमार का कोई भी मंत्री पूछने नहीं गया। इस बात को लेकर बिहार सरकार की खासी किरकिरी हुई। मगर इसके बावजूद भी बिहार सरकार के मंत्री बाज नहीं आये और सैनिकों के शहादत का मजाक बना दिया। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री भीम सिंह से जब ये पूछा गया कि नीतीश कुमार का कोई मंत्री पटना एयरपोर्ट पर शहीदों के शवों के सम्मान में क्यों नहीं गया? बस भीम सिंह इसपर भड़क गये और शर्मनाक तथा विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि सेना और पुलिस में लोग मरने के लिए ही जाते हैं।
भीम सिंह के इस बयान पर बवाल मच गया तो नीतीश कुमार ने उनकी फटकार लगाई और तब जाकर भीम सिंह ने अपने बयान के लिये माफी मांगी। मंत्री जी ने कहा कि मेरा बयान तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उल्लेखनीय है कि भीम सिंह से मीडिया ने बिहार के जवानों की शहादत के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि लोग सेना और पुलिस में मरने के लिए ही आते हैं।

भीम सिंह कहना था, 'जवान तो शहीद होने के लिए ही होते हैं न... सेना और पुलिस में नौकरी क्यों होती है?.. आप थोड़े न शहीद होइएगा। शहादत के लिए ही वे जाते हैं। भावना के साथ कोई सेना और पुलिस में जाता है।' उसके बाद जब उनसे पूछा गया कि बिहार का कोई मंत्री जवानों के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं गया, तो उन्होंने उल्टा सवाल दागते हुए कहा कि क्या आपके माता-पिता शहीद के अंतिम संस्कार में गए थे।
भीम सिंह के इस बयान के बाद भूचाल आ गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भीम सिंह को फटकार लगाई उसके बाद उन्होंने अपने बयान के लिये माफी मांगी। मालूम हो कि सीमा पर पाक हमले में मारे गए पांच जवानों में से एक शहीद प्रेम नाथ का अंतिम संस्कांर आज सुबह छपरा में कर दिया गया।
बिहार सरकार की ओर से कहा गया था कि शहीदों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, लेकिन प्रेम नाथ के अंतिम संस्कार में बिहार सरकार का एक भी मंत्री नहीं पहुंचा। वहीं बिहार रेजीमेंट के चारों शहीद जवानों का पार्थिव शरीर जब पटना एयरपोर्ट पर पहुंचा तो बिहार सरकार का कोई भी नुमाइंदा मौजूद नहीं था।












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