उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ और बीमारी का प्रकोप, सरकार दुर्गा मसले पर उलझी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पश्चिम से लेकर पूर्वाचल तक जहां लगातार बाढ़ की वजह से लोगों की मौतें हो रही हैं, वहीं गोरखपुर सहित कई जिलों में इंसेफलाइटिस (दिमागी बुखार) का कहर है। पिछले 48 घंटों में 12 लोग इस घातक बीमारी का शिकार हो चुके हैं। सरकार और विपक्ष के लिए बहस का विषय निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल हैं और दुख की इस घड़ी में आम जनता के आंसू पोंछने वाला कोई नहीं है। उप्र के विभिन्न अंचलों में बाढ़ का कहर जारी है। पूर्वाचल में जहां कई जिलों में संकट और गहरा गया है वहीं पश्चिमी उप्र में कई जिले भी बाढ़ की चपेट में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से नागपाल के फांस में फंसी सरकार के लिए आम जन से जुड़ी समस्याएं गौण हो गई हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां बिजनौर, बाराबंकी, सीतापुर, बुलंदशहर, अयोध्या, कानपुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी और बहराइच में जबकि पूर्वाचल में गाजीपुर, बलियां, वाराणसी और इलाहाबाद के कई गावों में हालात चिंताजनक बना हुआ है। बाढ़ की वजह से पिछले कई दिनों से लोगों के आशियाने उजड़ रहे हैं, मौतें हो रही हैं, लेकिन सरकार दुर्गा प्रकरण से पीछा छुड़ाने में जुटी हुई है।जानकारी के मुताबिक, बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 150 के आंकड़ें को पार कर गई है। जनहानि के अलावा भारी संख्या में पशुओं की मौतें हुई हैं, सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं लेकिन किसानों के आंसू पोंछने वाला कोई नहीं है।

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान हालांकि जरूर यह कहते हैं, "सरकार नाकामियों और बाढ़ की वजह से हो रही जन और धन की हानि से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए विवादित फैसले ले रही है, ताकि असली मुद्दों से मीडिया का ध्यान हटाया जा सके।" बाढ़ के बाद यदि गौर करें तो गोरखपुर में इंसेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी एक बार फिर सर उठा रही है। पिछले 48 घंटों में 12 लोगों की मौत हो गई है। सरकार अभी तक इस बीमारी को महामारी घोषित नहीं कर पाई है। इस वर्ष अभी तक इंसेफलाइटिस से मरने वालों की संख्या 100 को पार कर गई है। सरकार जनस्वास्थ्य के मुद्दे को लेकर लगातार लापरवाही बरत रही है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही कभी विवादित फैसले लेती है तो कभी सपा के नेता गलतबयानी कर माहौल को और खराब करने की कोशिश करते हैं। दुर्गा शक्ति नागपाल में उलझी सरकार अब उनके परिजनों और खानदान तक पहुंच गई है। ऐसा नहीं होना चाहिए।" इस बीमारी के टीकाकरण को लेकर हर वर्ष हल्ला मचता है लेकिन सरकार के तरफ से पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाते हैं, और इसकी शिकार आम जनता को बनना पड़ता है। इंसेफलाइटिस को लेकर खुद सरकार की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि लगभग 20 जनपदों में मात्र 10 फीसदी ही टीकाकरण हो पाया है।
इस बीच बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने कहा, "जनता का ध्यान हटाने के लिए ही सरकार दुर्गा के मुद्दे को तूल दे रही है। जनहित से जुड़े मुद्दे सरकार की लिस्ट में नही हैं। सरकार को विकास से कोई लेनादेना नहीं है। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।"












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