बारिश ने निखार दिया ताज का हुस्न..
आगरा। आगरा में 17वीं सदी में निर्मित मुगल स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना, ताजमहल मंगलवार को बारिश में नहाकर निखर उठा। यहां तक कि ताज की सुंदरता में चार चांद लगाने वाली यमुना भी उसके आधार को छू कर बहने लगी है।
आगरा में यमुना खतरे के निशान 495 फुट से पांच फुट नीचे पहुंच चुकी है। शहर का तापमान 40 डिग्री से सीधे 30 डिग्री पर जा गिरा है। अगले कुछ दिनों तक शहर में बारिश के बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

बारिश के बाद निखरे ताज का सौंदर्य देखने और ताजमहल में समय बिताने के लिए पर्यटक भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।
आगरा में प्राचीन विरासतों के लिए भ्रमण (हेरिटेज वाक) आयोजित करने वाली संस्था 'आगरा बीट' के अमित सिसोदिया ने कहा, "ताज के पीछे से होकर बहने वाली यमुना मनोरम दृश्य प्रस्तुत कर रही है।"
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ समय से लगभग नाले में तब्दील हो चुकी यमुना ने अपना असली रूप पा लिया है, जिसने एक समय में अपने रूप के कारण मुगलों को अपनी गोद में यह सुंदर महल के निर्माण के लिए आकर्षित किया था।" ताजमहल भारत का सबसे बड़ा दर्शनीय स्थल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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