बर्बादी के मूड में यमुना, दिल्ली में बढ़ा बाढ़ का खतरा
दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बा़ढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना ने खतरे के निशान को पार कर दिया है। यहां का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर चल रहा है। यमुना ने जलस्तर 205 मीटर ऊपर चला गया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने यमुना पर बने लोहे के पुल पर आवाजाही को बंद कर दिया।
यमुना का यह जलस्तर हरियाणा के युमनानगर जिले के हथिनी कुंड बैराज में छोड़े गए पानी की वजह से बढ़ रहा है। हथिनीकुंड बैराज से 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया इसके बाद रात में करीब 4 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। यमुना में बाढ़ का पानी बुधवार को खतरे के निशान को पार कर गया।

इसके बाद 145 वर्ष पुराने रेलवे पुल को बंद करना पड़ा। बाढ़ के खतरे को देखते हुए यमुना के किनारे रह रहे करीब 2,000 परिवारों को जगह खाली करनी पड़ी है। सन् 1868 में निर्मित रेल एवं सड़क पुल मार्ग में वाहनों का आवागमन बुधवार को रोक दिया गया। यह पुल देश की राजधानी को इसके पूर्वी इलाकों से जोड़ता है। दिल्ली के मुख्य सचिव डी. एम. सोपली ने आईएएनएस को बताया, "यमुना में जलस्तर 204 मीटर के सुरक्षित स्तर पर नीचे उतरने तक रेलवे पुल पर परिवहन बंद रहेगा।
" दिल्ली में यमुना का सुरक्षित मानक जलस्तर 204.83 मीटर है, जबकि इस समय यमुना में जलस्तर 206.48 मीटर पर पहुंच चुका है। सोमवार को हरियाणा के हथिनीकुंड बांध से 8.06 लाख क्यूसेक और मंगलवार सुबह 3.38 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ कर खतरे के निशान को पार कर गया। दिल्ली को अब तक चूंकि भारी वर्षा का सामना नहीं करना पड़ा है, इसलिए अधिकारियों का अनुमान है कि शहर को बाढ़ की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। दिल्ली प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, "हम बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए तैयार हैं। आपदा नियंत्रण कक्ष यमुना की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और एसएमएस के माध्यम से नदी के जलस्तर से अवगत करा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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