कल तक बीजेपी के साथी नीतीश को पीएम ने बताया ‘सेक्यूलर' नेता
नयी दिल्ली। कल तक जो बीपी का साथी था आज को एनडीए से अलग हो चुका है। कल तक जिस बीजेपी के साथ पर हिन्दुत्व का ऐजेंडा थामने का दोष मढ़ा जाता था, आज वहीं धर्मनिरपेक्ष दिखाई दे रहा है!
जी हां ये राजनीति है, यहां कुछ भी परमानेंट नहीं होता, ये बात हम नहीं हमारे पीएम बोल रहे है। मनमोहन का नजरिया है कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता, ना तो कोई स्थायी दोस्त होता हा और ना ही कोई स्थायी दुशमन।

एनडीए से अलग-थलग पड़े जेडीयू पर कांग्रेस ने डोरे डालना शुरु कर दिया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धर्म निरपेक्ष नेता बता कर भाजपा से नाता तोडने वाली जनता दल यू को आज खुश करते नजर आये। उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता।
भाजपा पर चुप्पी साधे रहन वाले मनमोहन नीतीश की तारिफ करते नहीं थक रहे थे। नीतीश को कभी सेक्यूलर तो भी दोस्त बता रहे थे। सच भी है इसे ही राजनीति करते । कब, किसे और कैसे अपने साध करना है ये राजनीतिक पार्टियां अच्छे से जानती है।












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