सोनिया के ड्रीम प्रोजेक्ट 'फूड सिक्योरिटी बिल' पर सहमति बनाने में जुटी यूपीए
नयी दिल्ली। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को ड्रीम प्रोजेक्ट कही जाने वाली खाद्य सुरक्षा बिल पर आज एकबार फिर से माथापच्ची होगी। इस मसले पर यूपीए समन्वय समिति की एक बैठक बुलाई गई है। सरकार इस मसले पर 7 जून को सर्वदलीय बैठक भी बुला सकती है।
लोकसभा चुनाव की तौयारी कर रही यूपीए सरकार जल्द से जल्द खाद्य सुरक्षा बिल को पेश करना चाहती है और इसी के लिए आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी के लिए पहले सरकार में शामिल दलों से बात की जाएगी और फिर सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से बात की जाएगी।

खूबर के मुताबिक अगर पार्टियां मान जाए तो सरकार इसके लिए संसद का विशेष सत्र भी बुला सकती हैं। इससे पहले शनिवार को भी कांग्रेस कोर ग्रुप की अहम बैठक हुई थी, जिसमें यूपीए समन्वय समिति की बैठक बुलाने का फैसला हुआ था।
मंहगाई, भ्रष्टाचार और गोटालों से जूझ रही कांग्रेस सरकार के पास खाद्य सुरक्षा बिल एक संजीबनी है। सोनिया जानती है कि उनके पास लोगों से वोट मांगने के लिए कोई वजह नहीं बची है। ऐसे में फूड सेक्योरिटी बिल को पास कराकर वो लोगों के वोट को अपने पाले में करना चाहती है। लेकिन विपक्ष इससे अड़गा लगा सकती है। खाद्य सुरक्षा पर संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने प्रतिक्रिया दी है।
सुषमा ने टि्वटर पर लिखा है कि विशेष सत्र बुलाने के बजाए बेहतर होगा कि मानसून सत्र को ही समय से पहले बुलाया जाए। संसद का मानसून सत्र जुलाई में शुरू होता है। सुषमा स्वराज ने ये भी लिखा है कि खाद्य सुरक्षा बिल के लिए विशेष सत्र बुलाए जाने का वह विरोध नहीं करती है। उन्होंने यह भी लिखा है इतने महत्वपूर्ण बिल को ऑर्डिनेंस बनाकर लागू करना ठीक नहीं होगा।












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