अखिलेश भी जानते हैं कि नरम दिल नहीं राहुल गांधी!
[नवीन निगम] यूपीए-2 का जश्न खत्म होते ही अब कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जता दिया कि वो अब नरम दिल नहीं हैं। इसी के ठीक बाद यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भी बड़ा बयान सामने आया। इन बयानों का सार यही है कि कांग्रेस और सपा दोनों दल अब चुनाव में जाने को तैयार हैं और अखिलेश यादव राहुल की एक-एक गतिविधि पर पैनी नजर बनाये हुए हैं, फिर चाहे वो नरम दिल हों या सख्त दिल।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मिलजुल कर काम करने को कहा और साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया कि अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नेताओं को हिदायत देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष (सोनिया गांधी) नरम दिल हैं, पर मैं नरम नहीं हूं। दूसरी तरफ मुंबई में यूपी के गेस्ट हाउस का उद्घाटन करने गए उप्र के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समय पूर्व आम चुनाव की संभावना को खारिज नहीं करते हुए कहा कि कांग्रेस समेत सभी दल लोकसभा चुनाव के लिए तैयार हैं। जब अखिलेश से यहां पूछा गया कि क्या उन्हें समय पूर्व आम चुनाव की संभावना नजर आती है, उन्होंने कहा, देखिए, सभी दल तैयार हैं। और जब मैं अखबारों में विज्ञापन (कांग्रेस के भारत निर्माण) देखता हूं तो मैं महसूस करता हूं कि कांग्रेस भी आम चुनाव के लिए तैयार है।
कांग्रेस के जश्न में शामिल न होकर सपा ने कांग्रेस के लिए यह आशंका खड़ी कर दी है कि सपा किसी वक्त भी कांग्रेस को झटका दे सकती है और चुनावी साल होने के कारण डीएमके और जदयू जैसे दल भी कांग्रेस को बचाने के लिए आगे नहीं आएंगे। कांग्रेस इस स्थिति को भली भांति समझ रही है इसीलिए राहुल गांधी अचानक फिर सक्रिय हो गए हैं। क्योंकि कांग्रेस जानती है कि ऐसे समय चुनाव कराना ज्यादा फायदमंद होगा जब महंगाई थोड़ी कम हो और यह समय भारत में जाड़े का ही होता है।
इसलिए कांग्रेस जनवरी-फरवरी में चुनाव कराना चाहेगी लेकिन उससे पहले कई राज्यों में चुनाव होंगे, इन राज्यों में कांग्रेस की जीत की संभावनाएं बहुत कम हैं। जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली। हो सकता है कि कांग्रेस इन चुनावों के साथ ही लोकसभा का चुनाव करवा लें। कांग्रेस के इन्ही तेवरों को सपा बखूबी समझ रही है इसीलिए उसने भी चुनाव की तैयारी तेज कर दी है।
उधर जब अखिलेश यादव से पत्रकारो ने यह पूछा कि क्या कांग्रेस और सपा के बीच संबंध अब पहले जैसे नहीं रहे, तो उन्होंने कहा कि यूपीए को हमारा समर्थन केवल सांप्रदायिक ताकतों को दूर रखने के लिए है। अखिलेश ने कहा कि हम समाजवादी लोग कभी कांग्रेस की नीतियों से सहमत नहीं रहे लेकिन जब सांप्रदायिक ताकतों से निबटने का सवाल आता है तब हम कांग्रेस का समर्थन करते हैं।













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