प्रधानमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है: आडवाणी
नई दिल्ली। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा ने और आक्रामक होते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग की है। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा है कि जब यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री को बचाने की कोशिश में कानून मंत्री ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में बदलाव करवाये तो अब पीएम को भी अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, अब चीजें आगे बढ़नी चाहिए। उनका कहना है कि नैतिक आधार पर प्रधानमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।
वहीं रेलमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे के बाद अब इन पदों पर कौन होगा, इसका जवाब आज मिल सकता है जब पीएम मनमोहन इस मामले पर बोलेंगे। संभावना जताई जा रही है कि आज ही मंत्रिमंडल में फेरबदल भी हो सकता है। जिसके अनुसार कानून मंत्री के रूप में कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी और वीरप्पा मोइली में से कोई एक नियुक्त किया जा सकता है। जबकि रेलमंत्री का पद पाने के लिए नेताओं ने अपनी जुगत भिड़ानी प्रारम्भ कर दी है। अगर सूत्रों की मानें तो कर्नाटक के मल्लिकार्जुन खड़गे अगले रेल मंत्री हो सकते हैं, जो कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद नहीं पा सके हैं।

आज इस मसले पर बोलते हुए कांग्रेस जनता के बीच यह संदेश भी देना चाहेगी कि वह एक साफ सुथरी पार्टी है जो कि किसी भी भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ जरूर कार्यवाही करेगी। हालांकि पहले यह भी चर्चा थी कि पीएम कानून मंत्री के इस्तीफे के पक्ष में नहीं थे लेकिन राहुल गांधी की मर्जी पर ऐसे कदम उठाये गये हैं। पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने कल बारी बारी से अपने इस्तीफे प्रधानमंत्री को सौंपे।
हालांकि भाजपा ने इस पर भी सरकार को घेरने की कोशिश्ा की है कि सरकार ने इन मंत्रियों का इस्तीफा देरी से लिया जिसके कारण संसद का बहुमूल्य समय नष्ट हुआ है। दो मंत्रियों के इस्तीफे के बाद भाजपा इसे अपनी जीत के तौर पर देख रही है।












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