डिंपल इतनी सिंपल तो कैसे लगाये संसद में नारे?
नई दिल्ली (ब्यूरो)। संसद भवन से मंगलवार को खबर आयी कि जब यूपीए सरकार के खिलाफ सदन में कोहराम मचा तो कन्नौज की सांसद डिंपल यादव अपनी सीट से उठीं आगे बढ़ीं और अपने ससुर मुलायम सिंह यादव के पैर छुए। देखते ही देखते डिंपल ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। यह घटना सिर्फ दो बातें दर्शा रही है- पहली कि नेताओं के साथ रह-रह कर डिंपल भी अब उनके रंग में ढल रही हैं और दूसरी कि वो खुद को अब एक बड़ी और बेबाक नेत्री के रूप में ढालने के प्रयास कर रही हैं।
पहले कारण पर चर्चा करें, तो यह डिंपल की मजबूरी है, क्योंकि अगर वृंदावन में रहना है तो राधे-राधे तो कहना ही पड़ेगा। यही कारण है कि डिंपल ने सदन में खुद को स्ट्रॉन्ग बनाया और उसी वेल में कूद पड़ीं, जिसमें बाकी नेता यूपीए सरकार के खिलाफ नारेबाजी लगा रहे थे।
अगर दूसरे कारण पर गौर करें तो वर्तमान में अखिलेश यादव की यूपी में सरकार है, मुलायम अब रिटायर होने की कगार पर हैं, जाहिर है आगे चलकर इन्हीं पति-पत्नी को पार्टी की कमान संभालनी है, आखिर ये यूपी के भैया-भाभी जो ठहरे। अरे यह हम नहीं खुद डिंपल यह बात कहती हैं, कि वो यूपी की भाभी हैं। उन्होंने जब कन्नौज से पर्चा भरा था तो पार्टी की रैली में खड़े होकर अपने भाषण की शुरुआत ऐसे की थी, "मैं आप में से कईयों की बहू हूं, बेटी हूं और बहुत से लोगों की भाभी..."
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वैसे उस भाषण पर गौर करें, तो तब तो डिंपल इतनी सिंपल थीं, कि भाषण पढ़ना तक नहीं आता था। उस भाषण को देख ऐसा लगता था, मानो कक्षा 8 की कोई बच्ची क्लास में खड़े होकर रीडिंग कर रही हो। खैर आज अगर डिंपल ने अपनी सिंप्लिसिटी खोकर नारे लगाये हैं, तो हम यह कामना जरूर करेंगे कि आगे चलकर वो सुषमा स्वराज की तरह वो भी बेबाक नेत्री की तरह उभरें।













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